प्लाई फैक्ट्री में काम करने के दौरान मशीन की चपेट में आने से मजदूर की मौत

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। जिले के थानाक्षेत्र ढेबरूआ अन्तर्गत ढेबरुआ से परसा परसोहिया की तरफ जाने वाली सड़क पर खजूरिया में चल रहे प्लाई बुड फैक्ट्री के में मशीन चलने के दौरान एक मजदूर की दुर्घटना में मृत्यु हो गयीं, जिससे प्लाई बुड फैक्ट्री पर हड़कम्प मच गया। रविवार को रात्रि में लगभग 9 बजे के करीब ढेबरुआ से परसा परसोहिया की तरफ जाने वाली सड़क पर खजूरिया में प्लाई बुड फैक्ट्री रात्रि में चल रही थी। इसी दौरान फैक्ट्री में काम करने वाला एक मजदूर उसकी जद में आकर घायल हो गया। उसके घायल होते ही उसको इलाज के लोग लेकर दौड़े, लेकिन घायल होने के कारण रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गयीं।मजदूर का नाम सीतापुर जिले के तंबौर थाने का निवासी 22 बर्षीय शमशेर पुत्र मुमताज बताया जा रहा है। मजदूर की मौत को लेकर मिल में कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही है। मृतक का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को उसके परिवार को अन्तिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
मिल दो हफ्ते पहले प्रशासन द्वारा किया गया था सील
ढेबरुआ से परसा परसोहिया की तरफ जाने वाली सड़क पर खजूरिया में चल रहे प्लाई बुड फैक्ट्री को प्रशासन द्वारा दो हफ्ते पहले सील गया था, लेकिन मिल संचालक द्वारा मिल को चलाने के लिए उनके एक नजदीकी रिश्तेदार को इस दौरान देने की बात सामने आ रही है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री को रात्रि में चोरी चुपके चलाया जा रहा था, जहां भारी संख्या में लकड़ी के बोटो को आरा मशीन से काटकर अलग किया जा रहा था। इस काम में दर्जनों मजदूर काम कर रहे थे।
मृतक मजदूर के परिवार को मुआवजे का एग्रीमेन्ट सोशल मीडिया पर वायरल
एग्रीमेन्ट में मिल संचालक ने 6 दिन से लगातार मजदूर के काम करने एवं काम करने के दौरान मशीन से मृत्यु होने की बात स्वीकार किया है।
एक 100 रुपए का स्टाम्प पर मिल संचालक एवं मृतक मजदूर परिवार के बीच समझौता के एग्रीमेन्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एग्रीमेन्ट का स्टाम्प पेपर मिल संचालक के नाम का है, जिसमें मिल संचालक ने इस बात की स्वीकार किया है कि उनके प्लाई इकाई में काम करने के दौरान पैर फिसलने से मजदूर की मौत हुई है। उस एग्रीमेन्ट में यह बात भी सामने आयीं है कि मृतक शमशेर की शादी नहीं हुई है एवं न ही उनका कोई औलाद है। मृतक के भाई परवेज आलम एवं मिल संचालक के बीच हुए समझौते में मृतक के माता पिता के पालन पोषण के लिए 3 लाख रुपए देने की बात भी आयीं है। मिल संचालक ने स्वीकार किया है कि मृतक मजदूर पिछले 6 दिन से लगातार उसके मिल में काम कर रहा था।फिलहाल अखबार सोशल मीडिया पर वायरल इस एग्रीमेंट की पुष्टि नहीं करता है।
इस सम्बन्ध में थानाध्यक्ष ढेबरुआ संतोष कुमार सिंह ने बताया घटना की कोई तहरीर नहीं मिली है। बाकी मिल सील है, इसकी जानकारी नहीं है।मिल संचालक मनोज मित्तल ने बताया कि मृतक मजदूर के परिवार को जो उचित मुआवजा था दिया गया है, मिल में कुछ रिपेयरिंग का काम चल रहा था। इस दौरान मशीन की चपेट में एक मजदूर आ गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गयीं।



