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गोंडा : गौ माता की सेवा से मनुष्य का होता है कल्याणः- राजकुमार दास

धेनु पूजन से दुखों से छुटकारा मिलता है- घनश्याम जायसवाल

दैनिक बुद्ध का संदेश
गोंडा। पूजा करने से नौ ग्रह शांत रहते हैं, जो प्रेम व ध्यानपूर्वक धर्म के साथ गौ पूजन करता है उनको शत्रु दोषों से छुटकारा मिलता है। कोई भी शुभ कार्य अटका हुआ हो और बार-बार प्रयत्न करने पर भी सफल नहीं हो रहा हो तो गौ माता के कान में उस काम के बारे में कहिए। रुका हुआ काम बन जाएगा।

उक्त विचार श्रीराम वल्लभा कुंज अयोध्या गौशाला व मंदिर अधिकारी राजकुमार दास महाराज को अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता व भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य घनश्याम जायसवाल ने गायों को गुड़ खिलाने के उपरांत व्यक्त किया। सामाजिक कार्यकर्ता घनश्याम जायसवाल ने बताया कि हमारे देश में पौराणिक काल से गाय को मां को दर्जा दिया गया है। गाय से जुड़ी सभी चीजों को दैवीय माना जाता है। गाय का घी, गाय का दूध, गौमूत्र और यहां तक कि गाय के गोबर का प्रयोग भी पूजापाठ में किया जाता है। कभी सोचा है कि आखिर गाय का इतना महत्व क्यों माना गया है। गाय का पौराणिक महत्व ही नहीं है बल्कि वास्तु में भी इसे बहुत खास माना गया है। माना जाता है कि गाय का वास जहां होता है वहां से सभी वास्तु दोष स्वतरू ही दूर हो जाते हैं। वास्तुदोष दूर करती हैं गौमाता माना जाता है कि गाय जिस जगह खड़ी रहकर आनंदपूर्वक चौन की सांस लेती है वहां वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं। जिस जगह गौ माता खुशी से रभांने लगे उस जगह देवी देवता पुष्प वर्षा करते हैं और मां लक्ष्मी का उस घर में वास माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जहां गौ माता विचरण करती हैं उस जगह सांप बिच्छू नहीं आते। श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास महाराज ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि गौ माता के गोबर में लक्ष्मीजी का वास होता है। गौ माता की एक आंख में सूर्य व दूसरी आंख में चंद्रदेव का वास होता है। गौ माता के दूध मे सुवर्ण तत्व पाया जाता है जो रोगों की क्षमता को कम करता है। गौ माता की पूंछ में हनुमानजी का वास होता है। ऐसा मानते हैं कि किसी व्यक्ति को बुरी नजर लग जाए तो गौ माता की पूंछ से झाड़ा लगाने से नजर उतर जाती है। तो रोगों का नाश करती हैं । गौ माता की पीठ पर एक उभरा हुआ कुबड़ होता है। उसमें सूर्य केतु नाड़ी होती है। रोजाना सुबह आधा घंटा गौ माता की पीठ पर हाथ फेरने से रोगों का नाश होता है। गौ माता को चारा खिलाने से 33 कोटी देवी देवताओं को भोग लग जाता है, क्योंकि मान्यता है कि गौ माता में 33 कोटी देवी देवताओं का वास होता है। गाय जगाए सोया भाग्य माना जाता है कि जिस व्यक्ति के भाग्य की रेखा सोई हुई हो तो वो व्यक्ति अपनी हथेली में गुड़ को रखकर गौ माता को जीभ से चटाए गौ माता की जीभ हथेली पर रखे गुड़ को चाटने से व्यक्ति की सोई हुई भाग्य रेखा जागृत हो जाती है। गौ माता के चारों चरणों के बीच से निकलकर परिक्रमा करने से इंसान भयमुक्त हो जाता है। घनश्याम जायसवाल ने बताया कि गाय को पालने उन्हें सड़कों पर छोड़कर उनके साथ अन्याय ना करें। आपके द्वारा छोड़ी गई गाय दुखी होगी तो आप खुशहाल नहीं होंगे । घरों में खुशहाली चाहते हैं तो गौ सेवा करें।

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