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ईश्वर प्रसाद पी जी कालेज का शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान, सोनभद्र

ईश्वर प्रसाद पीजी कालेज का शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान! । जनपद मुख्यालय राबर्ट्सगंज से 8 किमी दूर हिंदुवारी के निकट देउरां गांव स्थित ईश्वर प्रसाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के छात्र- छात्राओं के लिए सपनों को साकार करने का आसान जरिया बनता जा रहा है । 2014 में स्थापित इस महाविद्यालय से स्नातक का प्रथम बैच 2015- 16 में पढ़कर निकला जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में स्वावलंबी भारत अभियान की उम्मीदों पर खरा उतर रहा है । स्नातक कला में हिन्दी , संस्कृत ,शिक्षा शास्त्र , समाज शास्त्र , राजनीति विज्ञान , मध्यकालीन इतिहास , भूगोल और गृहविज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त शिक्षार्थी स्वयं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयत्नशील हैं,वहीं वे दूसरों के लिये भी उदाहरण बनते जा रहे हैं । उदाहरण के लिये छात्रा राजश्री राय अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों में अपने नव गीतों के लिये जहाँ जानी जाती है , वही वह उच्च शिक्षा के प्रति निष्ठावान है । वाणिज्य संकाय में बीकॉम के विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनने के लिये स्वरोजगार के प्रति ध्यान केंद्रित करते हैं । एम ए गृहविज्ञान और समाज शास्त्र के विद्वान शिक्षार्थी अपना लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने की मंशा से अग्रसर हैं । ज्ञातव्य हो कि महाविद्यालय की प्रबंधक मनीष पाण्डेय और प्राचार्य समाजशास्त्री डॉ विमलेश कुमार त्रिपाठी प्राध्यापकों की एक योग्य टीम उच्च शिक्षा के शिक्षण के लिए नियुक्त कर गाँव के ग्रामीणों के पाल्यों को अपने अपने सपनों को सच करने के लिए एक अवसर सहज रूप से उपलब्ध कराएं हैं। प्रकृति की गोद में कोलाहल से दूर शांत वातावरण में हर प्रकार की सुविधाओं से युक्त शिक्षण कक्ष पढ़ने- पढ़ाने के लिए आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं। प्राध्यापक राजेश कुमार द्विवेदी , हेमंत जायसवाल , मृत्युंजय पाठक , विमलेश कुमार पाठक , अंकित शुक्ल , चाँदनी पटेल ,गीता देवी और भोलानाथ मिश्र अपने- अपने विषयों की प्रभावी व्याख्यानों से छात्र- छात्राओं के अधिगम को सुगम बनाने का पूर्ण प्रयास करते हैं तो विद्यार्थी भी संस्कारित और अनुशासित वातावरण के कारण सीखने में कोताही नही दिखाते । प्रबंधक मनीष पाण्डेय ने गुरुवार को हमारे विशेष संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया कि सभी प्रकार की औपचारिकताएं लगभग पूर्ण हो गयी हैं, अन्य बातें सामान्य रही तो बीएड के शिक्षण की भी व्यवस्था मान्यता मिलते ही योग्य प्राध्यापकों के द्वारा प्रारंभ करने की व्यवस्था पूर्ण कर ली जाएगी । महाविद्यालय के कार्यालय अधीक्षक विनीत पाण्डेय , परिचारक रामजी तिवारी , परिचारिका फुलवंता देवी समेत अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी सराहनीय है ऐसा छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों का अभिमत है।

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