राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता तथा अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव की उपस्थिति में कैम्प कार्यालय पर राजस्व वादों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराने तथा राजस्व कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण कर लाभार्थियों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदन पत्रों की ऑनलाइन फीडिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए और कोई भी प्रकरण लंबित न रहने पाए। बैठक में निर्विवाद वरासत, राजस्व वादों तथा अन्य लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि रिपोर्ट स्वयं जांचकर ही प्रेषित करें। राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल स्तर पर लंबित मामलों में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने धारा-24 के वादों की पोर्टल पर फीडिंग कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने, अवैध अतिक्रमण हटाने, अभियान चलाकर चकमार्गों को चिन्हित करने तथा तीन वर्ष से अधिक पुराने राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार प्रतिदिन न्यायालय में बैठकर मामलों की सुनवाई करें और निस्तारित वादों की ऑनलाइन फीडिंग भी सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी धारा के तीन वर्ष एवं पांच वर्ष से अधिक पुराने प्रकरण लंबित नहीं रहने चाहिए। अंश निर्धारण, खुर्रा बंटवारा तथा धारा-24, 116, 176, 67 और 80 के अंतर्गत लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में समस्त उपजिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




