संविधान लोकतंत्र की मजबूत नींव: जगदम्बिका पाल

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। राष्ट्र की एकता, अखंडता और संवैधानिक मूल्यों के प्रतीक 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर, तेतरी बाजार में गरिमामय एवं भव्य समारोह का आयोजन किया गया। देशभक्ति गीतों और तिरंगे की आन-बान-शान के बीच विद्यालय परिसर राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक अजय कुमार जायसवाल द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। ध्वज को सलामी देने के उपरांत भारत माता की आरती की गई तथा राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानाचार्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संविधान के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि सांसद जगदम्बिका पाल ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस लोकतंत्र, समानता और जनशक्ति में अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संविधान राष्ट्र की आत्मा है, जो विविधताओं से भरे भारत को एकता के सूत्र में बांधता है। यह नागरिकों को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति को जीवन का मूल आधार बनाने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत भाषण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की वीरता, विविधता और गौरवशाली परंपरा को मंच पर जीवंत कर दिया गया, जिसे देखकर उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। कार्यक्रम के अंत में बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती उमा सिंह ने अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय कोषाध्यक्ष मदन मोहन सिंह, प्रबंध समिति सदस्य रामदास पांडेय, आरएसएस विभाग समरसता प्रमुख शंभू नाथ गुप्ता, पूर्व प्रधानाचार्य महादेव प्रसाद, कल्पनाथ महाविद्यालय की शिक्षिका सीमा मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य नागरिक, आचार्य-आचार्या एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



