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उत्तर प्रदेशबलरामपुर

ग्राम पंचायत मोतीनगर में लग रही मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी

दैनिक बुद्ध का संदेश/आरके श्रीवास्तव
बलरामपुर। विकास खंड पचपेड़वा की ग्राम पंचायत मोतीनगर में मनरेगा योजना को कथित तौर पर लूट का अड्डा बना दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यहां बिना एक इंच मिट्टी खुदे ही 6 मास्टर रोल तैयार कर दिए गए और लगभग 60 मजदूरों की फर्जी हाजिरी कागजों में दर्शा दी गई।सूत्र बताते हैं कि जिन स्थलों पर कार्य पूर्ण दिखाया गया है, वहां मौके पर न तो कुदाल मिला, न टोकरी, न ही कोई मजदूर सिर्फ सन्नाटा पसरा रहा।फोटो से फर्जीवाड़ा, ज़मीन पर शून्य काम सूत्रों का दावा है कि मनरेगा पोर्टल पर फर्जी फोटो अपलोड कर हाजिरी लगाने का खेल चल रहा है। बिना मजदूर, बिना औजार और बिना किसी वास्तविक कार्य के पूरे-पूरे दिन की मजदूरी दर्ज कर दी गई। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां तो सिर्फ कागज दौड़ रहे हैं, मजदूर नहीं। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा खेल रोजगार सेवक, पंचायत सचिव और कुछ प्रभावशाली लोगों की कथित मिलीभगत से रचा गया है। पहले मास्टर रोल बनाए गए, फिर फर्जी हाजिरी दर्ज कराई गई और अब भुगतान के जरिए सरकारी खजाने पर हाथ साफ करने की तैयारी है। ग्रामीण इसे महज लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित घोटाला बता रहे हैं। प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल इतना गंभीर मामला सामने आने के बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों की मानें तो शिकायतों के बावजूद अब तक न तो स्थलीय जांच हुई और न ही किसी जिम्मेदार से जवाब-तलब। ग्रामीणों में यह चर्चा आम है कि क्या मनरेगा में लूट अब प्रशासनिक संरक्षण में हो रही है? चेतावनी अब आंदोलन होगा ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की स्वतंत्र निष्पक्ष और समयबद्ध जांच नहीं कराई गई तो वे ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक आंदोलन करने को मजबूर होंगे ग्राम पंचायत मोतीनगर में मनरेगा घोटाले का आरोप 6 फर्जी मास्टर रोल तैयार 60 मजदूरों की कागजी हाजिरीमौके पर न काम, न औजार, न मजदूर फर्जी फोटो से हाजिरी लगाने का दावा सरकारी धन की बंदरबांट की आशंका ग्रामीणों में भारी रोष मनरेगा सवालों के घेरे में मनरेगा जैसी योजना, जो गरीबों के हाथों में काम और औजार देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, आज कई जगहों पर कागजों और कैमरे के सहारे लूटी जा रही है। मोतीनगर का मामला बताता है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भ्रष्टाचार और गहराने से कोई नहीं रोक पाएगा।

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