मृदा कृषक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन,, सोनभद्र

– विश्व मृदा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कृषि भवन, मगुंराही में नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय रबी गोष्ठी/मेला व मृदा कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 10 बजे ब्लॉक प्रमुख रॉबर्ट्सगंज अजीत रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि मिट्टी जीवन का आधार है, क्योंकि 95 प्रतिशत भोजन मिट्टी से मिलता है। लेकिन अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग और जलवायु परिवर्तन के कारण मिट्टी की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। इसलिए जैविक खेती, फसल चक्र और कम जुताई अपनाकर मृदा संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है।
उप कृषि निदेशक बीरेन्द्र कुमार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कुसुम योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषि यंत्रीकरण संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. मिश्रा ने पशु स्वास्थ्य, नस्ल सुधार, टीकाकरण एवं “पराली लाओ—गोबर खाद पाओ” जैसी योजनाओं पर विस्तार से बताया।
सहायक निदेशक मत्स्य आर.के. श्रीवास्तव ने पी.एम. मत्स्य सम्पदा योजना में एससी/एसटी एवं महिला कृषकों को 60% तक अनुदान की जानकारी दी।
नया रास्ता किसान उत्पादक संगठन के निदेशक नीरज सिंह ने किसानों से एफपीओ से जुड़कर लागत कम करने व आय बढ़ाने का आह्वान किया।
भूमि परीक्षण प्रयोगशाला की अध्यक्ष किरण कुमारी ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने तथा मिट्टी नमूना संग्रह की विधि समझाई।
कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. संजीव कुमार राव ने तिलहनी फसलों में सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग व उद्यानिकी से आय बढ़ाने के तरीके बताए।
कार्यक्रम में 255 किसानों ने प्रतिभाग किया। पाँच प्रगतिशील किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर कृषि करने हेतु प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
अंत में ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत ने किसानों को मृदा संरक्षण की शपथ दिलाई।
