आशा एवं आशा संगिनी ने मिलकर उप जिलाधिकारी एवं सीएचसी अधीक्षक पयागपुर को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

दैनिक बुद्ध का सन्देश
पयागपुर बहराइच। आशा एवं आशा संगिनी ने अपनी मांगों को लेकर उप जिलाधिकारी पयागपुर एवं सीएचसी अध्यक्ष धीरेंद्र त्रिपाठी पयागपुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मिली जानकारी अनुसार दिए गए ज्ञापन पत्र में आशा और संगिनी फैसिलिटेटर बहनें 2006 से 18 वर्षों तक लगातार स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यों को ईमानदारी पूर्वक करती चली आ रही हैं। मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में हम बहनों ने पोलियो मुक्त भारत किया। कोविड-19 जैसे महामारी में हम बहनों ने अपनी जान की बाजी लगाते हुई अपने कार्य को ईमानदारी पूर्वक निर्वहन किया, फिर भी आप ( प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ) द्वारा हम आशा बहनों के भविष्य पर ध्यान नहीं दिया गया। अन्य प्रदेशों की तरह हमारे उत्तर प्रदेश की समस्त आशा एवं संगिनी को एक निश्चित मानदेय/ वेतन /समस्त कार्यों पर प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाए। संगिनी को 20 आशाओं के साथ क्षेत्र का भ्रमण करना पड़ता है जोकि 20000 से 30000 हजार की आबादी देखती हैं। सुदूर होने के कारण आने-जाने में भी समस्या होती है इसलिए संगिनी बहनों को यात्रा भत्ता/वाहन (स्कूटी) दिया जाए। ज्ञापन पत्र के माध्यम से कुछ मांगे जैसे:- निश्चित मानदेय/ राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए। संगिनी की सभी लंबित भुगतान को अविलंब भुगतान कराया जाए। आशा/ संगिनी की स्थिति बहुत खराब हो गई है, आशा बहनें भुखमरी की कगार पर पहुंच गई हैं। 31 अक्टूबर 2025 तक आशा बहनों की संपूर्ण मांगे न मानी गई तो एक 1.11.2025 से समस्त कार्यों का बहिष्कार कर दिया जाएगा। अपने-अपने ब्लॉक सीएचसी /पीएचसी पर हड़ताल करेंगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन की स्वयं होगी। संगिनियों को ऑनलाइन कार्य करने में समस्या आ रही है इसलिए स्मार्टफोन प्रदान किया जाए , रखी गई। ज्ञापन पत्र सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष बहराइच दीप्ती पांडे सहित सैकड़ो की संख्या में आशा बहू मौजूद रही।




