इंद्रदेव हुए रुष्ट! तैयार फसल पर बरसे आफत के बादल, किसानों की मेहनत डूब गई पानी में

श्रावस्ती। मौसम की बेरुखी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जब खेतों को पानी की सख्त जरूरत थी, तब आसमान ने मुँह मोड़ लिया, और अब जब फसलें तैयार होकर कटाई के इंतजार में थीं, तो बे-मौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों को डुबो दिया। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश और तेज हवाओं ने धान की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई खेतों में धान की बाली पानी में डूब चुकी है, वहीं कई जगहों पर हवा के झोंकों से फसलें गिर गई हैं। किसान की फसल अब सड़ने के कगार पर पहुंची फसल को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।ग्रामीण किसानों का कहना है कि पहले सूखे ने फसल को कमजोर किया, फिर खाद की किल्लत ने उन्हें बेहाल रखा, और अब असमय बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में मौसम में सुधार नहीं हुआ तो खेतों में गिरी हुई फसल पूरी तरह सड़ जाएगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द क्षति का सर्वे कराया जाए और मुआवजा दिलाया जाए ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।इंद्रदेव की यह नाराजगी अगर यूं ही बनी रही, तो किसानों के घरों में चूल्हे जलना मुश्किल हो जाएगा।




