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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा राहत हॉस्पिटल जिलाधिकारी के आदेश पर हुआ सील

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर नगर पंचायत बढ़नी के इटवा रोड स्थित राहत हॉस्पिटल सर्जिकल एवं जच्चा बच्चा केन्द्र पर मंगलवार को बड़ी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी के आदेश पर गठित टीम ने राहत अस्पताल के फर्जी पंजीकरण मिलने के बाद ओपीडी सहित कुल चार कमरों को सील कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब स्थानीय समाचार पत्र में इस अस्पताल के बिना रजिस्ट्रेशन संचालित होने सम्बन्धी खबर प्रकाशित हुई, जिसके बाद जिलाधिकारी डॉ0 राजा गणपति आर0 को शिकायत प्राप्त हुई थी। जिलाधिकारी ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और उच्च-स्तरीय टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा, जिसमें एसीएमओ (नोडल नैदानिक स्थापना) डॉ0 प्रमोद कुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ0 अविनाश चौधरी, फार्मासिस्ट राम सहाय वर्मा, मजिस्ट्रेट तहसीलदार अजय कुमार मौर्य और माधवानन्द शुक्ल शामिल थे। टीम ने संयुक्त रूप से अस्पताल पहुंचकर दस्तावेज़ों की गहनता से पड़ताल शुरू की। गठित टीम द्वारा की गई जांच में अस्पताल प्रबन्धन रजिस्ट्रेशन से सम्बन्धित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। जो सर्टिफिकेट अस्पताल द्वारा दिखाया गया, वह भी जांच में फर्जी पाया गया। एसीएमओ डॉ0 प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि दिखाया गया रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट उनके विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है। अनियमितता की पुष्टि होने के बाद टीम ने अवैध रूप से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और सरकारी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई की। मजिस्ट्रेट तहसीलदार अजय कुमार मौर्य और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में अनियमितता पाये जाने पर अस्पताल की ओपीडी सहित चार महत्वपूर्ण कमरों को तत्काल सील कर दिया गया। यह कार्रवाई अवैध अस्पतालों के संचालन के खिलाफ प्रशासन की सख्त मुहीम का हिस्सा मानी जा रही है। इस कार्रवाई के सम्बन्ध में एसीएमओ (नोडल नैदानिक स्थापना) डॉ0 प्रमोद कुमार ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ष्जांचोपरान्त अस्पताल प्रबन्धन रजिस्ट्रेशन सम्बन्धित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। जो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाया गया, वह भी फर्जी मिला, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मेरे विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है। इसलिए अस्पताल के ओपीडी सहित कुल 4 कमरों को सील कर दिया गया है।ष् स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अस्पताल चलाने वालों के खिलाफ प्रशासन के इस कड़े रुख से यह सन्देश गया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
स्वास्थ्य विभाग की हुई व्यापक कार्रवाई
इसी क्रम में बढ़नी में कई सेन्टरों पर भी स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी की कार्रवाई।
श्याम पैथालॉजी सेन्टर पर नोटिस चस्पा किया गया।
श्री डायग्नोस्टिक सेन्टर बन्द मिला, जिस पर नोटिस चस्पा किया गया।
न्यू बलरामपुर डायग्नोस्टिक सेन्टर खुला मिला, उसे भी नोटिस दिया गया।
यूनिक पैथालॉजी खुला मिला, उसे भी नोटिस जारी किया गया।

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