श्रीदत्तगंज सीएचसी में आयोजित विशेष चिकित्सा शिविर में 252 मरीजों का हुआ उपचार

बलरामपुर। जनपद बलरामपुर में चल रहे सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत स्वस्थ्य नारीदृसशक्त परिवार अभियान के तहत आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीदत्तगंज में विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का शुभारंभ विधायक बलरामपुर सदर पलटू राम एवं ब्लॉक प्रमुख श्रीदत्तगंज हेमंत जायसवाल ने संयुक्त रूप से किया। शिविर का निरीक्षण करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने कहा कि महिलाओं, बच्चों और सामान्य मरीजों के लिए ऐसे विशेष चिकित्सा शिविर अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज की जांच एवं उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और अधिक से अधिक लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। कुल 252 मरीजों का उपचार किया गया। 18 बच्चों का नियमित टीकाकरण किया गया। 12 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण एवं प्रसव पूर्व जांच की गई। महिलाओं को स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत योजना) के अंतर्गत 12 पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। टीबी के 8 मरीजों की जांच की गई। 112 मरीजों का बीपी एवं शुगर परीक्षण किया गया। शिविर के दौरान विधायक बलरामपुर सदर पलटूराम जी ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाएँ तभी सफल होंगी जब उनका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और समय-समय पर आयोजित शिविरों का लाभ अवश्य लें। ब्लॉक प्रमुख श्रीदत्तगंज हेमंत जायसवाल ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर लोगों को राहत पहुंचाने का बड़ा माध्यम हैं। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, डीएमओ राजेश पांडेय, डॉ. मनीष श्रीवास्तव, डॉ. सुमंत चौहान, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह, आशुतोष सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। श्रीदत्तगंज सीएचसी में आयोजित यह विशेष चिकित्सा शिविर सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण जनता को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। शिविर में मरीजों ने न केवल इलाज और परामर्श प्राप्त किया बल्कि सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने का अवसर भी पाया।




