देह व्यापार, ब्लैकमेलिंग व नशे की तस्करी का अड्डा उजागर करने को लेकर एसपी को शिकायती पत्र

सिद्धार्थनगर। जनपद के भीमापार क्षेत्र में देह व्यापार, ब्लैकमेलिंग और मादक पदार्थ की तस्करी जैसे गम्भीर अपराधों को लेकर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर को शिकायती पत्र सौंपा गया है। यह शिकायती पत्र अखिल भारतीय भ्रष्टाचार निरोधक संघ की ओर से दिया गया, जिसमें जिले के दो युवकों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि शशांक पाठक उर्फ आदर्श पाठक पुत्र अनुरुद्ध पाठक निवासी ग्राम सिसवा, थाना मोहाना और उसके सहयोगी ‘चनेरिया बाबा’ नामक व्यक्ति मिलकर भीमापार क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। बताया गया कि दोनों ने जे0जे0 हॉस्पिटल के पास किराये पर मकान लेकर उसे देह व्यापार, गांजा-चरस के धन्धे और ब्लैकमेलिंग का अड्डा बना रखा है। मकान में खुलेआम देह व्यापार और नशे का कारोबार चलता है। स्थानीय व्यापारी, आम लोग और राहगीर इनके कारण परेशान रहते हैं। सुबह-शाम असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने से स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियों और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो गया है। आरोप है कि नेपाल, गोरखपुर, महराजगंज और देवरिया से लड़कियों को बुलवाकर धंधा कराया जाता है। ग्राहकों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग की जाती है। पत्र में बताया गया कि मकान में लगे सीसीटीवी कैमरों और छिपे मोबाइल फोन से अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किये जाते हैं। शशांक पाठक व उसका साथी हथियारबंद रहते हैं और नशे की हालत में युवतियों को लालच देकर धन्धे में धकेलते हैं। पत्र में दावा किया गया कि कई वकील, व्यवसायी और सरकारी कर्मचारी इनके ब्लैकमेलिंग का शिकार होकर आत्महत्या की कगार तक पहुंच चुके हैं। आसपास की दुकानें व लोग इस अवैध कारोबार से वाकिफ हैं, लेकिन भय के कारण कोई शिकायत नहीं करता है। आरोपी मोबाइल नम्बरों व गूगल पे-फोन पे के जरिए अवैध लेन-देन करते हैं। शिकायतकर्ता ने एसपी से मामले की गहन जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि नाम और पता गोपनीय रखने की आवश्यकता है क्योंकि जान-माल का खतरा बना हुआ है। यह शिकायती पत्र सीओ सिद्धार्थनगर, एसओजी प्रभारी, क्राइम ब्रांच प्रभारी व कोतवाली प्रभारी को भी भेजा गया है। यह खबर जिले में बड़ा खुलासा मानी जा रही है क्योंकि इसमें देह व्यापार से लेकर मादक पदार्थों की तस्करी और ब्लैकमेलिंग जैसे गम्भीर अपराधों का जिक्र किया गया है।




