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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर न्यायिक अधिकारियों के बैठक संपन्न

उसका बाजार/सिद्धार्थनगर। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश क्रम में बुधवार को आगामी 13 सितंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत की शत प्रतिशत सफलता सुनिश्चित किये जाने को लेकर नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत बीरेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारीगण के साथ प्री-ट्रायल बैठक का आयोजन किया गया।बैठक की शुरुआत करते हुए नोडल अधिकारी ने सभी न्यायिक अधिकारियों का स्वागत किया और राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लोक अदालत न्यायिक व्यवस्था का एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जिससे जनता को त्वरित, सस्ता और सौहार्दपूर्ण न्याय प्राप्त होता है। यह वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली का एक सफल रूप है, जिससे न्यायालयों पर बोझ कम होता है और न्याय प्रक्रिया में विश्वास बढ़ता है।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में वे ही वाद शामिल किए जाएं जिनमें समझौते की प्रबल संभावना हो। इसके लिए प्रत्येक न्यायिक अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे अपने न्यायालय में लंबित व विचारणीय मामलों की सूची तैयार करें और उनमें से उपयुक्त प्रकरणों का चयन करें। विशेष रूप से चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, वाहन दुर्घटना दावे, बैंक ऋण वसूली, विद्युत बिल विवाद, श्रम संबंधी मामले, एवं अन्य सिविल प्रकृति के प्रकरणों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।नोडल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत के दौरान सभी कार्यवाही शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से होनी चाहिए। किसी भी पक्ष पर दबाव न बने और दोनों पक्षों की सहमति से ही समझौता किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लोक अदालत में किए गए समझौते को न्यायिक आदेश का दर्जा प्राप्त होता है, इसलिए इसका विधिक महत्व अत्यधिक है। बैठक के दौरान बारी बारी से अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए और आयोजन की सफलता के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। यह बैठक राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही, जिससे स्पष्ट दिशा, उत्साह और समर्पण के साथ न्यायिक व्यवस्था को जनकल्याण की दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत बीरेन्द्र कुमार द्वारा बैठक में उपस्थित सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि वे पैरा लीगल वालिन्टियर के माध्यम से जिला मुख्यालय तथा विभिन्न तहसीलों में ऐसे स्थान जहां जनसामान्य की अधिकाधिक संख्या मौजूद हो जैसे न्यायालय, कलेक्ट्रेट, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, हाट बाजार तहसील मुख्यालय, बैंक आदि जगहों पर लोक अदालत की भव्य सफलता सुनिश्चित किये जाने हेतु लोक अदालत एवं उसमें नियत की जा सकने वाले वादों की अधिकाधिक जानकारी व प्रचार-प्रसार हेतु प्रयास करे व जनसहभागिता सुनिश्चित करें। उक्त बैठक में मो० रफी अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-१, मनोज कुमार तिवारी विशेष न्यायाधीश एस०सी०/एस०टी० एक्ट, अनुभव कटियार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अरूण कुमार-चतुर्थ सिविल जज सी०डि०, शैलेन्द्र नाथ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिरकण, वकील सिविल जज सी०डि०/एफ०टी०सी०, धम्म कुमार सिद्वार्थ सिविल जज जू०डि., श्रीमती स्वाती आनन्द न्यायिक मजिस्ट्रेट, शिवेन्द्र शर्मा अपर सिविल जज जू०डि० कक्ष संख्या-प्रथम, श्रेय कुमार वर्मा सिविल जज जू०डि०/एफ०टी०सी०-प्रथम, ऋचा चौधरी सिविल जज जू०डि०/एफ०टी०सी०-द्वितीय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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