ब्लॉक बढ़नी पर ही जल्द मिलेगा अब बेहतर इलाज
बढ़नी पीएचसी को सीएचसी बनाने की मिली मंजूरी, बजट का इंतजार

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत बढ़नी में 50 बेड के अस्पताल की विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्रीय लोगों को अब शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने का इंतजार है। सीएचसी की सुविधा से वंचित जिले के इकलौते ब्लॉक मुख्यालय पर ही अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद लोगों में जगी है। इसमें बेड एलॉट होने के साथ धन की स्वीकृति की प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है। करीब एक करोड़ रुपये से इसका निर्माण कराने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। बढ़नी ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को उच्चीकृत करते हुए स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग ने 50 बेड के सीएचसी में तब्दील करने का फैसला किया है। जिले के 14 ब्लॉकों में 12 ब्लाकों में सीएचसी बना हुआ है। केवल सदर व बढ़नी पर ही सीएचसी नहीं है। जिला मुख्यालय पर तो जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज मौजूद हैं, लेकिन बढ़नी में आजादी के 79 वर्ष बाद भी अभी तक 04 बेड का पीएचसी ही है, जबकि बढ़नी पीएचसी 77 ग्राम पंचायतों के अलावा पड़ोसी देश नेपाल व बलरामपुर के भी मरीजों के स्वास्थ्य की देखभाल की जिम्मेदारी संभाल रहा है। पीएचसी रहने के कारण केवल दो चिकित्सक ही तैनात हैं। बढ़नी पीएचसी में रोजाना लगभग 150 से अधिक मरीज सीएचसी की ओपीडी होती है। सीएचसी बनने से बढ़ेंगी सुविधाएं सीएचसी हो जाने के बाद आकस्मिक सेवा के साथ-साथ एक्स-रे, आपरेशन जैसी सुविधाएं भी क्षेत्रीय लोगों को मिलेंगी। विधायक विनय वर्मा ने बढ़नी में सीएचसी निर्माण के प्रयास करना शुरू कर दिया। पहले तो राजस्व विभाग जमीन उपलब्ध न होने की बात करता रहा। जब विधायक सख्त हुए तो पीएचसी के बगल में ही अस्पताल विस्तार के नाम से छूटी जमीन पर 50 बेड के नये सीएचसी निर्माण का प्रस्ताव विभाग ने शासन को भेज दिया है। क्षेत्र के रहने वाले आशीष अग्रहरि, शेखर पाण्डेय, अक्षय वरुण, विन्ध्याचल शुक्ला, अशोक पासवान आदि ने बताया कि बढ़नी के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को यदि सीएचसी का दर्जा मिल जाता तो यहां की एक बड़ी आबादी को इसका लाभ मिलता। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने बताया कि शीघ्र ही बढ़नी में सीएचसी निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति शासन से मिल जायेगी। प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।




