वन्यजीव की ट्रैप और ड्रोन कैमरों से की जा रही तलाश प्रभावित गांवों में हुई चौकसी तेज
दैनिक बुद्ध का सन्देश

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बहराइच। महसी क्षेत्र में 28 अगस्त को ग्रामीणों पर अज्ञात वन्य जीव के हमले के बाद वन विभाग ने निगरानी और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहराइच वन प्रभाग की ओर से सात गश्ती दल गठित किए गए हैं, जो दिन-रात सक्रिय क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं। डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में पांच कैमरा ट्रैप और चार सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही दो ड्रोन और थर्मल ड्रोन की मदद से खेतों, झाड़ियों और संभावित ठिकानों की लगातार निगरानी की जा रही है।
सियार होने की पुष्टि
वन विभाग की जांच में पता चला है कि यह हमला भेड़िए का नहीं बल्कि सियार का था। ग्राम पांडेयपुरवा (बम्भौरी) निवासी रक्षाराम ने अपने लिखित बयान में बताया कि 28 अगस्त की शाम को राधेश्याम पर सियार ने हमला किया था। हमले में घायल व्यक्ति अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
वन विभाग की जन-जागरूकता टीम लगातार गांवों में जाकर लोगों को हिंसक वन्य जीवों से बचाव के उपाय बता रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे रात में दरवाजे बंद करके बच्चों और परिवार को घर के भीतर ही सुरक्षित सुलाएं। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें भी गांवों में अनाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क कर रही हैं। ग्राम समितियों को सक्रिय करते हुए गांव स्तर पर सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
वन्य जीव रोकने को दगाए जा रहे पटाखे
गश्ती दलों ने बाहरी क्षेत्रों में पटाखे दगाकर वन्य जीव को रोकने की कार्यवाही भी शुरू की है। डीएफओ ने बताया कि वन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन के बीच आपसी तालमेल से दिन-रात गश्त की जा रही है ताकि किसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।




