कृषि विभाग के कठोरतम कार्यवाही के बावजूद रुकने का नाम नहीं ले रहा तस्करी

शोहरतगढ़़/सिद्धार्थनगर। कृषि विभाग के कठोरतम कार्यवाही के बावजूद तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सिद्धार्थनगर उर्वरक तस्करों के आगे हर सरकारी व्यवस्था विफल हो गई है। आपको बता दें कि पीओएस मशीन में आपका अंगूठा लगेगा तभी उसके बाद आपके खेत के किसान सही व आधार पर आपको उर्वरक मिल सकता है। जरूरी नहीं की इतनी प्रक्रिया अपनाने के बाद आप उर्वरक पा ही जायें। लेकिन उर्वरक के तस्करों ने यहां तो हर सिस्टम में छेद कर दिया है। अधिकतर मूल्य मिले तो उर्वरक विक्रेता पीओएस मशीन को ही फेल कर दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार रात्री में भर-भर के पिकअप यूरिया नेपाल भेजा जा रहा है। वहीं विभाग मूकदर्शक बने हैं और तस्कर अपने मंसूबे में कामयाब हैं। भारत-नेपाल सीमा के गांवें गौरा बाजार, काशीपुर, पल्टादेवी ये सब तस्करी के रूट हैं, जिसे जिम्मेदार लोग अनदेखा कर रहे हैं। आखिर लाख प्रयास किये जायें, लेकिन सीमा से उर्वरक सहित अन्य तस्करी के सामानों को इस पार से उस पार करने में तस्करों में महारथ हासिल किया गया है। वहीं जब सीमा पर जिम्मेदारों के ऊपर सख्ती अधिक हो जाती है तो एक, दो, तीन और पांच उर्वरक की बालियां पकड़ कर वाहवाही बटोरने में लग जाते हैं। फिर एक-दो दिन बाद जैसा का तैसा चलते रहता है।




