गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
उत्तर प्रदेशबलरामपुर

छतपर सो रहे बाप पर बेटे ने धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से किया घायल,पुलिस ने किया गिरफ्तार

बलरामपुर। तुलसीपुर थाना क्षेत्र ग्राम चोरघटिया निवासी अब्दुल सलाम पुत्र अमरुद्दीन निवासी चोरघटिया द्वारा एक तहरीर दी गई कि मेरे बड़े भाई मोहरम अली के ऊपर रात्रि में अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार हाथियार से हमला कर दिया गया है जिससे उसका बाये हाथ का पंजा कट गया है तथा चेहरे पर बाये तरफ व सिर में गम्भीर चोट आई है इस सूचना के आधार पर थाना तुलसीपुर पर मु0अ0सं0 168/2025 धारा 118(2)ठछैबनाम अज्ञात पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही थी। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार द्वारा थाना तुलसीपुर क्षेत्रांतर्गत हुई उक्त जानलेवा हमले की घटना के सफल अनावरण व अभियुक्त गिरफ्तारी हेतु दिए गए निर्देश के क्रम में तुलसीपुर थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार दूबे के नेतृत्व में थाना पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 168/25 धारा 118(2) ठछै बनाम अज्ञात के सफल अनावरण व अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु प्रयास किये जा रहे थे कि दिनांक 28.07.2025 को आजाद पुत्र मोहरम अली निवासी चोरघटिया थाना तुलसीपुर उपस्थित आकर बताया कि मैंने ही अपने पिता मोहरम अली को जान से मारने की नियत से बोगदा (गड़ासा) से मारकर गड़ासा घर के पीछे छुपा दिया था और मैं भाग गया था।अभियुक्त की निशानदेही पर घटना मे प्रयुक्त एक अदद बोगदा मोहरम अली के घर के पीछे से बरामद कर मुकदमा उपरोक्त मे धारा 109 ठछै की बढोत्तरी कर अभि0 आजाद को गिरफ्तार कर मा0 न्यायालय रवाना किया जा रहा है। गिरफ्तार अभियुक्त से कड़ाई से पूंछताछ करने पर उसके द्वारा बताया कि साहब हम दो भाई हैं मेरा छोटा भाई सहजाद है। मेरे पिता मोहरम अली शराबी है। हम दोनों भाई को आये दिन शराब पीकर मारता पीटता गाली गलौज करता था मैं अपनें पिता के डर से 6,7 साल से मुम्बई जाकर काम करने लगा और मैं जो भी पैसा कमाता था उसको मेरे पिता जबरदस्ती गाली गुप्ता मार पीट कर पूरा पैसा ले लेते थे और खुद भीख मांगते थे और हम दोनो भाइयें से भी मस्जिद व मजारों पर भीख मांगने के लिए दबाव बनाते थे हमारे दोस्त यार हम दोनो भाइयों को भिखारी-भिखारी कहकर चिढ़ाते थे और हम लोग कमाकर जो भी पैसा इकठ्ठा करते थे सब पैसा लेकर वापस तुलसीपुर चले आते थे। हम अपनें पिता इन्ही सब हरकतो से तंग आ गये थे और मैनें अपनें मन ही मन में तय कर लिया कि अब मैं अपनें पिता मोहरम अली को जान से मार डालूंगा नही तो हम लोगों का इज्जत से जीना हराम कर देगे और मैं अपने पिता को जान से मारनें के लिए प्लान बनाकर बम्बई से ही बोगदा भंगार से ले लिया था और घर आकर देखा कि मेरे पिता घर की छत पर सोये थे मैं सीढ़ी के रास्ते चुपके से छत पर पहुँचकर अपने पिता मोहरम अली को जान से मारनें की नियत से बोगदा (गड़ासा) से हमला कर दिया शोर सुनकर पड़ोसी जो छत पर सो रहे थे वो जग गये तो मैं छत से पीछे बोगदा लेकर कूदकर भाग गया और बोगदा को भागते समय छुपा दिया था जिसे पुलिस को मैने बरामद करा दिया है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!