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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने तीसरे सोमवार को शिवालय पर जलाभिषेक कर किया पूजन

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत बढ़नी में स्थित शिव मन्दिर में चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने तीसरे सोमवार को अट्ठारहवें दिन जल भरकर शिव मन्दिर के शिवालय पर जलाभिषेक किया। इस दौरान समूचा शिव मन्दिर परिसर हर हर महादेव के जयकारे से गुंजायमान हो गया। सावन माह के तीसर दिन सोमवार को चेयरमैन सुनील अग्रहरि सहित शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। पवित्र सावन माह के तीसरे सोमवार को सुबह से शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पवित्र सावन के इस महीने के तीसरे सोमवार को भक्तों में उत्साह दिखा। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव का जयघोष कर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए फल-फूल, मेवा बेलपत्र, भांग धतूरा चंदन आदि अर्पित किया। नगर पंचायत बढ़नी के सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक के लिए लम्बी कतार लगी रही। चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने नगरवासियों के लिए सुख समृद्धि व मनोकामना के लिए शिव मन्दिर में बैठकर शिव मंत्र का जप किया। सावन माह में दुकानदारों द्वारा शिव मन्दिरों पर बच्चों के लिए विभिन्न वैराइटी में पोशाक बिक रही थी। इनमें मृगछाला, टीशर्ट और अन्य पोशाकें शामिल हैं। इसके अलावा बच्चों के शिव स्वरूप के लिए प्लास्टिक और लकड़ी के की नाग, डमरू व छोटे त्रिशूल उपलब्ध हैं। चेयरमैन ने कहा कि भगवान भोले बाबा के मंदिर में प्रवेश करते ही मन भक्तिमय हो जाता है। यहां आने पर बहुत ही शान्ति का एहसास होता है। हर वर्ष पूरे परिवार के साथ जलाभिषेक करता हूं। बाबा की कृपा से हमारा ही नहीं सभी भक्तों का कल्याण होता है। सबकी मनोकामना पूर्ण होती है। वहीं चेयरमैन ने बताया कि शिव मंदिर से लोगों की बड़ी आस्था है। श्रद्धालु प्रत्येक दिन यहां जलाभिषेक के लिए आते हैं। पूरे सावन व मलमास माह में रूद्राभिषेक व ग्रह शान्ति के लिए पूजा-पाठ व अभिषेक होता रहता है। चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने बताया कि बढ़नी के वार्ड नं0-01 अम्बेडकर नगर स्थित भगवान भोलेनाथ के अति प्राचीन मंदिर, जो पूर्णतया जर्जर अवस्था में थी, जिसका संज्ञान लेते हुए भोले बाबा के मंदिर का पूर्ण विधि-विधान से पूजन कर पुनर्निर्माण कार्य का शुभारम्भ कराया। उन्होंने बताया कि स्थानीय निवासियों के अनुसार सैकड़ों वर्ष पुराना यह मंदिर एक समय हिन्दू जनमानस की आस्था का केन्द्र था। लेकिन यह मंदिर धीरे धीरे जर्जर हो गया है। बाबा भोलेनाथ की कृपा से स्वतरू जीर्णाेद्धार की योजना बनाई, जिसको लेकर पुनर्निर्माण कार्य का शुभारम्भ कराया है। जिसका कार्य चल रहा है।

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