बेलहर कला में सिविल जज के आदेश की भी अनदेखी, न्याय के लिए दर-दर भटक रहे पीड़ित महेंद्र नाथ राय
बेलहरकला थानाध्यक्ष पर लगे आदेश की अवहेलना के गंभीर आरोप

संतकबीरनगर/उत्तर प्रदेश। जहां एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश में भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर संतकबीरनगर जनपद के बेलहरकला क्षेत्र से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिविल जज के स्पष्ट आदेश के बावजूद स्थानीय थानाध्यक्ष द्वारा न्यायिक निर्देशों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगे हैं। मामला बेलहरकला निवासी महेंद्र नाथ राय से जुड़ा है, जिन्होंने उपजिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी संक्रमणीय भूमि संख्या 382, 2436 व 1555 पर उनका वर्षों से वैध कब्जा है। लेकिन विपक्षी पवन कुमार व दुर्गेश कुमार पुत्रगण राधेश्याम (निवासी बेलहरकला) लगातार विवाद खड़ा कर जबरन कब्जे की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षियों ने एक 86 वर्षीय वृद्धा सूका देवी के नाम से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड व बैंक पासबुक तैयार कराकर भूमि पर अवैध दावे करने शुरू कर दिए हैं। यही नहीं, एक पूर्ववर्ती वाद में राधेश्याम ने कोर्ट में सूका देवी को अपनी मौसी बताकर वसीयत का झूठा दावा किया था, जो 10 जनवरी 2019 को खारिज हो चुका है। महेंद्र नाथ राय ने यह भी आरोप लगाया कि 1993-94 में विपक्षियों ने बैनामा दिखाकर इस भूमि को गलत ढंग से दूसरों को भी बेच दिया, जिससे विवाद और गहरा गया है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि सिविल जज द्वारा भूमि पर किसी भी तरह के हस्तक्षेप को रोकने का स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद बेलहरकला थाना अध्यक्ष द्वारा उस आदेश की अवहेलना की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। महेंद्र नाथ राय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भूमि पर बार-बार इस तरह का हस्तक्षेप होता रहा तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बेलहर थाना प्रशासन की होगी। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही का संकेत देता है, बल्कि न्यायिक आदेशों के पालन को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।




