बच्चों की छुट्टी,शिक्षकों की ड्यूटी जैसा आदेश अव्यवहारिक-अखिलेश*
शिक्षकों को वेवजह स्कूल में बैठना अनुचित-सुशील*
पयागपुर /बहराइच : प्रचंड गर्मी के साथ लू के थपेड़ों के बीच तापमान में निरन्तर हो रही बेतहाशा वृद्धि से जनजीवन बेहाल है।ग्रीष्मावकाश समाप्ति पर आज सोमवार से खुलने वाले परिषदीय विद्यालयों मे हीट वेव के कहर से बच्चों को महफूज रखने के लिये 30 जून तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। शुक्रवार को सचिव उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज द्वारा जारी आदेश के क्रम में जहां बच्चों के लिये अवकाश घोषित किया गया है वहीं शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहने को कहा गया है जिससे शिक्षकों में खासा नाराजगी है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र ने इस आदेश को अव्यवहारिक बताते हुये कहा कि विद्यालय में जब बच्चे नही रहेंगे,शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा तो ऐसे में शिक्षक का स्कूल खोलकर ससमय उपस्थित रहने का आदेश कहाँ तक न्याय संगत है।संगठन के
ब्लाक मंत्री सुशील कुमार मिश्र ने कहा कि सैकड़ों किलोमीटर दूर से आने वाले शिक्षकों के लिए यह आदेश केवल समय और संसाधनों की बर्बादी ही नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक कष्ट का कारण भी है।उन्होंने कहा कि जब अधिकांश कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं ऐसे में बिना कार्य शिक्षक विद्यालय खोलकर बैठें ऐसे आदेश का क्या औचित्य है।
महिला उपाध्यक्ष विमला त्रिपाठी ने शिक्षक इंसान हीं हैं,उन्हें भी हीट वेव का खतरा है। वातानुकूलित कक्ष में बैठकर ऐसे आदेश निर्गत करने वाले जिम्मेदार इस आदेश पर पुनर्विचार करे।उन्होंने कहा कि केवल आवश्यक शैक्षणिक या प्रशासनिक कार्यों के लिए ही शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य की जाये जिसके लिए वह सदैव तैयार है।शिक्षक कमलेश कुमार सिंह ने आदेश को औचित्यहीन करार देते हुये कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं, उनके श्रम और समय का सम्मान होना चाहिए।शिक्षकों को इस प्रचंड गर्मी में विद्यालय बेवजह बैठाना नहीं बल्कि सार्थक कार्य देना ही शिक्षकों के प्रति सच्चा सम्मान होगा,इसलिए आदेश में संसोधन होना नितांत आवश्यक है।





