सनातन धर्म काटना या बुझाना नहीं बल्कि जोड़ना और प्रज्वलित करने का धर्म है: सर्वेश महाराज

बहराइच। विशेश्वरगंज विकासखंड के गांव खजुरार में चल रही संगीतमय में श्रीकृष्ण कथा के पंचम दिवस पर श्री अयोध्या धाम से आए प्रेम मूर्ति युवा संत सर्वेश जी महाराज ने कहा कि जब जब पृथ्वी पर अत्याचार होता है तो भगवान श्री कृष्ण लेते हैं अवतार, जब माता पिता की सेवा पर लग जाती है रोक तब पृथ्वी पर आते है प्रभु शिशु पाल दंत वक्र को कंश के उद्धार हेतु श्री कृष्ण अवतार हुआ था आज के परिवेश में लोग जन्म दिन तो मनाते हैं पर केक काट कर सनातन धर्म काटता नहीं है जोड़ता है सनातन बांटना काटना ये हिन्दू धर्म नहीं सिखाता और दीप प्रज्वलीत कर न की बुझा कर मनाना चाहिए जन्म दिन इस दिन एक पौधा लगाया जाए जो दश पुत्र के समान होता है श्रेष्ठ जन अयोध्या जी के कहते हैं कि दस बावरी से एक कुआं होता है दस कुआं से एक सरोवर बनता है दस सरोवर से बराबर एक वृक्ष होता ओर एक वृक्ष दस पुत्र के बराबर होता है कथा के दौरान आयोजक सुधीर कुमार द्विवेदी, सुरेश तिवारी ,संतोष मिश्रा, राजकुमार त्रिपाठी, विपुल तिवारी, नीलम देवी,अनु मिश्रा ,अनुष्का, अनामिका, आराध्या, गरिमा, अंशिका,अनन्या, दिवाकर पाण्डेय आदि मौजूद रहे।




