जीवन कौशल, योगा व पर्यावरणीय गतिविधियों की सीख हासिल कर रहे समर कैम्प में बच्चे

शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। विकास क्षेत्र शोहरतगढ़ के कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय लेदवा में सोमवार को समर कैम्प के 12 वें दिन बच्चों ने कल्पनाशील कहानी, भाषा वृक्ष बनाने का तरीका सीखा। बच्चों ने कल्पना शील कहानी और भाषा वृक्ष निर्माण कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समर कैम्प में पहुंच रहे बच्चों में काफी उत्साह है। समय कैम्प की रेस्पी के हिसाब से रविवार को नोडल शिक्षक मुश्तन शेरुल्लाह के नेतृत्व में बच्चों ने कल्पनाशील कहानी, भाषा वृक्ष बनाने का तरीका सीखा। समर कैम्प में शिक्षक मोहन भारती ने कहा कि कल्पनाशील कहानियां वे कहानियां हैं जो पूरी तरह से कल्पना पर आधारित होती हैं। इनमें काल्पनिक पात्र, स्थान, और घटनाएं होती हैं, जो वास्तविकता से अलग होती हैं। ये कहानियां हमें एक अलग दुनिया में ले जाती हैं, जहां कुछ भी सम्भव है। कल्पनाशील कहानियां रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं और लेखकों को अपनी रचनात्मकता को उजागर करने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि भाषा वृक्ष, जिसे व्याकरणिक वृक्ष भी कहा जाता है, एक ग्राफिकल प्रतिनिधित्व है, जो किसी भाषा में शब्दों के वाक्य विन्यास संरचना को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि कैसे नियम और शब्द एक साथ आते हैं, जिससे पूरे वाक्य बनते हैं। भाषा वृक्ष को बनाने के लिए आप वाक्य को उसके छोटे हिस्सों में विभाजित करते हैं, जैसे कि संज्ञा, क्रिया, विशेषण, आदि और फिर उन्हें एक व्यवस्थित पेड़ के रूप में व्यवस्थित करते हैं। समर कैम्प के प्रारम्भ में शिक्षक राकेश कुमार द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को योग व प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षक ने बताया कि जीवन में निरोगी रहने के लिए योग व प्राणायाम बहुत जरूरी है। इसको अपने दिनचर्या में शामिल करना पड़ेगा। समर कैम्प के बच्चों को योग के प्रति रुचि बढ़ रही है और वे नित्य योगाभ्यास भी करते हैं। चित्रकला, पोस्टर, क्राफ्ट, रंगोली, इनडोर गेम के अलावा विद्यालय में चल रहे समर कैम्प के जरिये जीवन कौशल, पर्यावरणीय व विज्ञान की विभिन्न गतिविधियों की भी जानकारी दी जा रही है। इस दौरान प्रधानाचार्य अमरेश कुमार, मुश्तन शेरुल्लाह, राकेश कुमार राज, मोहन भारती, राकेश जायसवाल, रेनू मद्धेशिया आदि लोग मौजूद रहे।




