बरेली पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक, दो दिन में 45 घुसपैठिए किए चिन्हित.

बरेली। अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बरेली की पुलिस ने कमर कस ली है। शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे 15 दिवसीय विशेष अभियान के पहले दो दिनों में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जिसके तहत जिले भर में 45 संदिग्ध घुसपैठियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें सबसे ज्यादा 11 भोजीपुरा थाना क्षेत्र में मिले। तीसरे दिन भी पुलिस की टीमें सुबह-शाम जोर-शोर से सर्च ऑपरेशन चलाती रही। एसएसपी अनुराग आर्य ने साफ कर दिया है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे जिले में रह रहे इन घुसपैठियों की अब खैर नहीं ! उनके प्रमाणपत्र रद्द होंगे, सरकारी सुविधाएं बंद होंगी और कठोर कानूनी कार्रवाई भी होगी।
दो दिन में 83 ठिकानों पर दबिश, 775 लोगों की जांच
पुलिस ने सोमवार और मंगलवार को जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। 83 स्थानों पर छापेमारी कर 775 लोगों के दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान 45 संदिग्ध रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक चिन्हित किए गए, जिनके दस्तावेज संदेहास्पद पाए गए। इनकी नागरिकता की गहन जांच शुरू हो चुकी है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि तीसरे दिन भी कई इलाकों में सर्च अभियान जारी है, और संदिग्धों की संख्या बढ़ सकती है।
झुग्गी-झोपड़ियों और डेरों में छिपे थे संदिग्ध
चिन्हित किए गए ज्यादातर संदिग्ध रेलवे ट्रैक, नदियों के किनारे, झुग्गी-झोपड़ियों और अस्थायी डेरों में रह रहे थे। हैरानी की बात यह है कि कुछ ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ भी हासिल कर रखा था। पुलिस अब इनके आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।इस अभियान में भोजीपुरा थाना क्षेत्र सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जहां 11 संदिग्ध घुसपैठिए पकड़े गए। अन्य क्षेत्रों में भी पुलिस को कामयाबी मिली। जिनमे शीशगढ, भमोरा, शाही, शेरगढ़, देवरनिया, बहेड़ी, फरीदपुर, विशारतगंज शामिल हैं। पुलिस स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के साथ मिलकर इन जानकारियों को जुटा रही है। एसएसपी अनुराग आर्य ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 11 जून 2025 की सुबह 10 बजे तक सभी संदिग्धों का सत्यापन प्रारूप में पूरा कर रिपोर्ट जमा करें। सत्यापन के दौरान एलआईयू के बीट कर्मी को साथ रखना अनिवार्य है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई संदिग्ध बच न पाए, पुलिस रेलवे लाइन, नदी किनारे, खुले मैदानों और झुग्गी-झोपड़ियों पर खास नजर बनाये हुए है। इस अभियान को तेज करने के लिए प्रत्येक थाने में एक विशेष टीम गठित की गई है, जिसमें एक दरोगा, एक मुख्य आरक्षी, दो पुरुष आरक्षी और दो महिला आरक्षी शामिल की गई हैं। ये टीमें रोजाना सुबह 8 से 11 बजे और रात 8 से 11 बजे तक अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर संदिग्धों की तलाश कर रही हैं। एसएसपी अनुराग आर्य ने चेतावनी दी है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों के फर्जी प्रमाणपत्र रद्द किए जाएंगे और उन्हें मिल रही सरकारी सुविधाएं तत्काल बंद होंगी। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों या बिचौलियों ने इन घुसपैठियों को फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद की है, उनकी भी पहचान कर कड़ी कार्रवाई होगी। संदिग्धों को डिटेंशन सेंटर भेजने और गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के तहत निर्वासन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के कबाड़ के कारोबार से जुड़े होने की आशंका भी पुलिस जांच रही है। हाल ही में बारादरी थाने में कबाड़ी व्यापारियों को चेतावनी दी गई थी कि वे चोरी का या संदिग्ध सामान न खरीदें। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन घुसपैठियों ने कबाड़ के कारोबार के जरिए अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की है। यह अभियान आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा है। कोई भी अवैध रूप से जिले में रहने वाला व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। हमारा मकसद बरेली को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाना है। पुलिस का यह अभियान 10 जून तक चलेगा, और हर दिन नई कामयाबी की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। बरेली पुलिस का यह अभियान न केवल घुसपैठियों पर नकेल कसेगा, बल्कि शहर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करेगा। पुलिस की इस सख्ती से घुसपैठियों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में और सघन जांच और कार्रवाई की उम्मीद है। बरेली पुलिस की यह मुहिम न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक मिसाल बन सकती है।
अनुराग आर्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बरेली।




