ग्रामीणों की फरियाद, डीएम साहब आओ बनकसिया बिलोहा में एक बार

बलरामपुर। गैंसड़ी विकास खंड के बनकसिया बिलोहा ग्रामसभा की बदहाली के लिए केवल ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव ही जिम्मेदार नहीं हैं बल्कि प्रशासनिक अक्षमता व अधिकारियों की उदासीनता भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार है। 20 वर्षों से अधिक एक ही ग्राम सभा में टिके हैं सचिव शक्ति मौर्य ग्रामीणों का कहना है कि सचिव इस ग्राम सभा में 20 वर्ष से अधिक समय से तैनात हैं जो कहीं न कहीं उनके प्रति अधिकारियों की मेहरबानी तथा ऊपर तक पहुंच का कमाल है। गांव सभा में चर्चा में बने रहना उनका शगल बन चुका है। ग्रामवासियों ने सचिव पर अभद्रता के आरोप लगाते हुए यह कहा कि यदि किसी को परिवार रजिस्टर नकल की जरूरत हो तो उसके लिए उनके मुंशी को नकल देने के नाम पर पांच सौ रुपये देना पड़ता है। सचिव भी अपने सहायक की इस वसूली को जायज ठहरा देते हैं। ग्रामीणों की फरियाद, डीएम आओ एक बार बनकसिहा के ग्रामीणों की उम्मीद अब केवल जिलाधिकारी से बची है। ग्रामीण अपने गांव में डीएम की चौपाल में अपनी पीड़ा बताने को बेताब हैं। ग्रामीण प्रमोद कुमार वर्मा, बुधराम यादव, केशव राम, राम उजागर वर्मा, मालिक राम वर्मा, ननके वर्मा, मोहम्मद इशहाक, मुस्तकीम, मोहम्मद फारूक, सलाहुद्दीन, असगर अली, राम मनोरथ मौर्य, प्रेम प्रकाश वर्मा, राम मिलन यादव, प्रभु राम, राधे श्याम, राम छबीले जायसवाल, राम अवतार, विजय कुमार वर्मा, प्रमोद वर्मा, अब्दुल कुद्दूस समेत अनेक लोगों का कहना है कि डीएम के आने के बाद गांव के झूठे विकास की पोल तो खुलेगी ही साथ ही गांव का कायाकल्प हो जाएगा। बीडीओ अवनींद्र पांडेय का कहना है कि जल्द ही गांव के लोगों की समस्याएं सुनने और विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन कराने के लिए टीम का गठन किया जाएगा।



