गर्भावस्था में नियमित जांच जच्चा-बच्चा के लिए सुरक्षा कवच: डॉ. ओझा

भनवापुर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसिया में गुरुवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में 107 गर्भवती महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया और स्वास्थ्य संबंधी जांचें करवाईं।शिविर के दौरान चिकित्सकों ने सभी गर्भवती महिलाओं की विस्तृत जांच की, जिसमें 13 महिलाओं में उच्च जोखिम वाले लक्षण पाए गए। इन सभी महिलाओं को तत्काल चिकित्सीय उपचार और आवश्यक परामर्श दिया गया। इसके अतिरिक्त, शिविर में 11 गर्भवती महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) पाई गई, जिन्हें आयरन सुक्रोज की डोज दी गई ताकि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके। शिविर में 57 गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी प्रदान की गई, जिससे उनके गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति का आकलन किया जा सका। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, गर्भस्थ शिशु का असामान्य स्थिति में होना, गंभीर एनीमिया और प्लेसेंटा की विकृति जैसी स्थितियां गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में अवश्य आएं। इससे गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में ही उच्च जोखिम वाले लक्षणों की पहचान कर उचित चिकित्सा और परामर्श द्वारा मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित किया जा सकता है।शिविर के सफल आयोजन में डॉ. सिद्धार्थ जायसवाल, प्रेम कुमार त्रिपाठी, रूपम पाठक, सविता मौर्या, अर्चना चौधरी, कुमारी वर्षा सागर, रेखा पांडे, कृष्ण गोपाल पांडे, रविंद्र कुमार और अश्वनी अग्रहरि सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।




