जांच में अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र मिला फर्जी
उसका थाना क्षेत्र के सुगही गांव में एक ही परिवार के बने फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र

उसका बाजार/सिद्धार्थनगर। मुकामी थाना क्षेत्र के सुगही गांव के रहने वाले नंदलाल पुत्र बुद्ध समेत चार लोगो का अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। चारो सदस्य नंदलाल के परिवार से ही विलांग करते है। तहसीलदार नौगढ़ की जांच अंख्या के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दो अप्रैल को हुई समिति के बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इस समिति में एडीएम, जिला समाज कल्याण अधिकारी , एसडीएम नौगढ़ व बांसी भी है। उसका थाना क्षेत्र के बरदहा गांव के टोला घुमैठा के निवासी शिवम सिंह ने समिति के सचिव समाज कल्याण से शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग की थी और आरोप है कि नंदलाल न ही धुरिया समाज के है और न ही गौड़ है ये कहार है इन्होंने फर्जी के तरीके से दस्तावेज बनवाकर सरकारी सुविधा का लाभ ले रहे है जोकि इनका जनजाति प्रमाण पत्र निरस्त होना चाहिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने शिकायत पत्र भेजकर अनुरोध किया था। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि नंदलाल गौड़ के वंशज प्रपत्र 1359 फसली जाति कहार अंकित है ग्राम के नागरिक रजिस्टर में कहार अंकित है । इसके अलावा शिक्षित प्रमाण पत्र में कहार अंकित है। बीडीओ उसका ने जांच में बताया कि अनुसूचित जनजाति सुगही गांव में शून्य है।जबकि नंदलाल मूलरूप से सुगही गांव के निवासी है। इस संबंध में विपक्षी गण ने एक भी साक्ष्य नहीं पेश की समिति सदस्य ने कहा की इससे यह साबित होता है कि नंदलाल एवं उनके परिवार न ही धुरिया है और न ही गौड़ है इस प्रकार से स्थिनी जांच के अनुसार ग्रामीणों ने कहार बताया है। इस प्रकार जांच के अनुसार नंदलाल, मनोज कुमार, जितेंद्र कुमार,सावित्री देवी व सुनैना का जनजाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है।



