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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

गुरू गोरक्षनाथ ज्ञान स्थली का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन,शिक्षा के लिए चारो तरफ से रास्ता खुला छोड

भारतभारी/सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री उ0प्र0 योगी आदित्यनाथ ने जनपद के गुरू गोरक्षनाथ ज्ञान स्थली, वृन्दावन, नगर पंचायत भारतभारी के शिलापट का अनावरण किया गया। साथ ही गुरू गोरक्षनाथ ज्ञान स्थली, वृन्दावन, नगर पंचायत भारतभारी भवन का फीता काटकर उद्घाटन किया गया तथा गुरू गोरक्षनाथ की मूर्ति का अनावरण किया गया। पूर्व विधायक डुमरियागंज राघवेन्द्र प्रताप सिंह एवं विद्यालय परिवार द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री उ0प्र0 योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया को करूणा और अंहिसा का सन्देश देने वाले राजकुमार सिद्धार्थ के नाम पर इस जनपद का नाम सिद्धार्थनगर पड़ा। मै इस धरती को कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं। आज बसन्तीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि है। आज मां काली की आराधना होती है। आज इस ज्ञान स्थली का लोकार्पण हो रहा है। इसके लिए मै सभी लोगो को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। भारत की परम्परा में शिक्षा के लिए चारो तरफ से रास्ता खुला छोड़े। ज्ञान ही जीवन में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। जीवन के आलौकिक होने का स्वागत करना चाहिए। जीवन में किसी को ज्ञानवान बनाने से अच्छा कुछ नही है। कई वर्षाे बाद मुझे यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। 2008 से पहले यहां बहुत चुनौतियां थी। चारो तरफ असुरक्षा का वातावरण था। शिक्षा के लिए जितना भी किया जाये कम है। शिक्षा पर किया जाने वाला व्यय व्यर्थ नहीं हेाता है। पिछले 10 वर्षाे में आप लोगो ने भारत को बदलते देखा है। आज नया भारत है। एक भारत है श्रेष्ठ भारत है। आज भारत किसी का पिछलग्गू नही है। विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। विरासत और पहचान के रूप में देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे है। अयोध्या में श्रीराम मन्दिर का भव्य निर्माण हो रहा है। प्रयागराज में 66 करोड़ लोगो ने कुम्भ में स्नान किया है। यह भारत की सामर्थ्य को प्रस्तुत करते है। अपने सौहार्द की ताकत का एहसास कराते है। भारत की संस्कृति में किसी पर बल पूर्वक अधिकार करना नही है। श्री राम ने रावण का बध कर वहां विभीषण का राज्याभिषेक किया। बालि का बध कर सुग्रीव का राज्याभिषेक किया। किसी भी कालखण्ड में तलवार के बल पर किसी पर शासन नही किया है। राजकुमार सिद्धार्थ ने बचपन का समय इसी धरती पर व्यतीत किया। ज्ञान प्राप्त होने के बाद कुछ समय लुम्बिनी में रहे। बौद्ध धर्म को मानने वाले दुनिया के बहुत से बड़े-बड़े देश है। बुद्ध ने तलवार के बल पर नही अपितु अपनी शिक्षा के बल पर उन्हें अपना अनुयायी बनाया। ज्ञान की परम्परा को जानने के लिए हम सभी को वेदों और उपनिषदों को देखना चाहिए। उस पर काम करने की आवश्यकता है। जब पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा था उस समय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 2020 नई शिक्षा नीति लागू की गयी। आज अभ्युदय योजना के अन्तर्गत निःशुल्क कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। अटल आवासीय विद्यालय की शुरूआत की गई है। प्रदेश में 17 अटल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन किया गया है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को भी अपग्रेड किया गया है। गुरू गोरक्षनाथ ज्ञान स्थली, वृन्दावन, नगर पंचायत भारतभारी में भी 150 छात्र/छात्राओं द्वारा नये सत्र के लिए पंजीकरण कराया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।कुलपति सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर प्रो0 कविता शाह ने गुरू गोरक्षनाथ ज्ञान स्थली, वृन्दावन, नगर पंचायत भारतभारी के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि आज मुख्यमंत्री उ0प्र0 योगी आदित्यनाथ मंच पर है, जिन्होने पूरे उ0प्र0 की दिशा और दशा बदली है। शिक्षा के जगत में सिद्धार्थ विश्व विद्यालय ऐसे स्थान पर स्थित है। एक राष्ट्र, समाज और परिवार का विकास बिना शिक्षा के सम्भव नही है। सिद्धार्थ विश्व विद्यालय अपने लक्ष्य को प्राप्त अवश्य प्राप्त करेगा। मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय/जनपद प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैं इस उद्घाटन समारोह में उपस्थित हूं। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने वाले देश के सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्री का स्वागत करता हूं। मुख्यमंत्री द्वारा 01.04.2025 को जनपद बरेली में अटल आवासीय विद्यालय का लोकार्पण किया गया है। इस विद्यालय में मजदूरों, गरीबों के बच्चे पढ़ेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प योजना चलाकर विद्यालयों में काम किया गया है। इन विद्यालयों में मजदूर एवं गरीब का बेटा पढ़ता है। आज विद्यालयों में पंखा, कूलर लगा है, बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था है। परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास भी चल रहा है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि सभी को शिक्षा मिले। मंत्री ने कहा कि मैं सभी की तरफ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। पूर्व विधायक डुमरियागंज राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि आज मेरे पास शब्द नही है, मैने पिछले महीने ही मुख्यमंत्री अनुरोध किया कि आप को विद्यालय का उद्घाटन करने के लिए आना है। मुख्यमंत्री मेरे अनुरोध को स्वीकार कर समय दिया। मै सभी की तरफ से आभार प्रकट करता हूं। 1994 से मै आपके सानिध्य में ही सब सीखा है। मुख्यमंत्री की इच्छा थी कि सिद्धार्थनगर में गुरू गोरक्षनाथ के नाम से विद्यालय खुले। मेरा अनुरोध है कि मुख्यमंत्री आप इस विद्यालय के मुख्य संरक्षक होना स्वीकार करें। राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि यहां पर जो भी विद्यालय थे अपनी संस्कृति के नही थे। इस अवसर पर उपरोक्त के अतिरिक्त पूर्व विधायक इटवा डा0 सतीश द्विवेदी, जिला प्रभारी हरिचरण कुशवाहा, अपर पुलिस महा निदेशक गोरखपुर जोन गोरखपुर डा0 के0एस0 प्रताप कुमार, आयुक्त बस्ती मण्डल बस्ती अखिलेश कुमार सिंह, डीआईजी दिनेश कुमार पी, जिलाधिकारी डॉ0 राजा गणपति आर0, पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी, तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक तथा अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी, दूर-दराज से आयी जनता तथा स्कूली बच्चों आदि की उपस्थिति रहीं।

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