ग्रामीणों को नहीं मिल रहा सामुदायिक शौचालय की सुविधा का लाभ, पानी की टंकी बनी शोपीस

पयागपुर/बहराइच। ग्रामीणों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा सामुदायिक शौचालय जिले के प्रत्येक विकासखंड अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनवाने के लिए ग्रामीण स्वच्छता अभियान के तहत सामुदायिक शौचालय की योजना बनाई गई लेकिन यह योजना अधिकारियों के उदासीनता पूर्ण रवैये से परवान नहीं चढ़ सकी। बहराइच जिले के पयागपुर विकासखंड अंतर्गत कलुई गांव में स्थित लाखों रुपए की लागत से सामुदायिक शौचालय बनकर तैयार हुआ लेकिन उचित देखभाल ना होने के कारण सामुदायिक शौचालय भारी अव्यवस्था का शिकार बना हुआ है और लगभग साल भर हो गया कोई भी सुविधा नागरिकों को नहीं मिली। जब समाचार पत्र संवाददाता ने मौके पर जाकर जायजा लिया तो वहां पर सामुदायिक शौचालय के अंदर झाड़ झंखाड़ दिखाई पड़ा एवं शौचालय के सामने इंटरलॉकिंग भी मेन रोड से अब तक नहीं लगी है इसकी भी कमी देखी गई। जब सामुदायिक शौचालय का गेट खोला गया तो वहां यह देखा गया कि बिजली की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। पानी की टंकी लगी हुई है लेकिन वह केवल शो पीस साबित हो रही है। लोगों के हाथ धुलने के लिए जो बेसिन लगी हुई है वह भी भारी अव्यवस्था का शिकार है। सामुदायिक शौचालय के आसपास साफ सफाई की विशेष कमी देखी गई ; बनाए गए टैंको के ऊपर ढक्कन रखा है लेकिन उसके आसपास मिट्टी की पिटाई अच्छे तरीके से ना करके उसे पूर्ण रूप से नहीं बनाया गया और ना ही इंटरलॉकिंग लगाया गया जैसा तकरीबन साल भर पहले स्थिति थी ; वही स्थिति आज तक बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि केयरटेकर फ्री में तनख्वाह लेती है और भारी अव्यवस्था सामुदायिक शौचालय पर फैली हुई है। ग्राम प्रधान अपने जिम्मेदारी के प्रति गंभीर नहीं है और प्रॉपर रूप से सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। समुदायिक शौचालय पर केयरटेकर के द्वारा रखी गई कोई भी साफ सफाई की सामग्री नही मिली। ग्रामीणों ने सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था को बहाल करने का मांग किया है। खंड विकास अधिकारी पयागपुर ने बताया कि मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।




