सुभाष यदुवंश ने बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य, सभासद/पार्षद के वेतन का उठाया मुद्दा

सिद्धार्थनगर। बस्ती मंडल स्थानीय निकाय के विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने विधान परिषद सदन की कार्यवाही में नियम 115 के अन्तर्गत विधान परिषद के सत्र में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के वेतनमान अथवा आर्थिक सहायता का मुद्दा उठाया। सुभाष यदुवंश ने विषय को उठाते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लोकतंत्र की आत्मा है, जहाँ से ग्राम सरकार चुन कर आती है, परन्तु क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, नगरीय क्षेत्र में सभासद/पार्षद को किसी प्रकार का वेतनमान या आर्थिक सहायता नहीं मिलता है। इन प्रतिनिधियों को भी जनता चुन कर भेजती है। जनता के लिए ब्लाक, थाना एवं जिला इत्यादि पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के पास जनता के जुड़े विषयों हेतु इन्हें आना जाना पड़ता है। जनप्रतिनिधि होने के नाते ये सभी लगातार सामाजिक कार्यों, सामाजिक आयोजनों, जनता के सुख-दुःख में जनप्रतिनिधियों की तरह ही अपने क्षेत्र में आना-जाना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्तिथि पर असर पड़ता है। न्यूनतम वेतनमान अथवा किसी प्रकार की आर्थिक सहायता लागू होने से सम्बन्धित जनप्रतिनिधि अधिक तत्परता और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से जनसमस्याओं को सुलझाने में सक्षम हो पायेंगे। सभापति विधान परिषद मानवेन्द्र सिंह नें विषय की गम्भीरता को समझते हुए प्रस्ताव स्वीकार किया और सरकार को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दिया गया। सुभाष यदुवंश ने कहा है भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार पंचायत से जुड़े मुद्दे और पंचायत प्रतिनिधियों के हित में ऐतिहासिक कार्य किये है। सरकार पंचायत प्रतिनिधियों को लेकर सदैव संवेदनशील रहती है और उनके कल्याण के विषय में हमेशा ऐतिहासिक निर्णय करती है।




