भागवत कथा में निकली कृष्ण रुक्मिणी कीझांकी

उसका बाजार। क्षेत्र के ग्राम केवटलिया में चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन शनिवार को देर रात कृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग के दौरान भव्य एवं आकर्षक झांकी निकाली गई। विवाह का मंचन देखकर श्रोता मस्ती में नाचने, झूमने लगे।कथावाचक पंडित आकाश मणि त्रिपाठी ने श्रोताओं को बताया किश्रीकृष्ण ने विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी का हरण करके उनका विवाह किया था। रुक्मिणी को श्रीकृष्ण पसंद थे और उन्होंने उन्हें मन ही मन अपना पति स्वीकार कर लिया था। श्रीकृष्ण को पता चला कि रुक्मिणी का विवाह उनकी इच्छा के विरुद्ध किसी और के साथ हो रहा है।रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को संदेश भिजवाया कि वह उनसे प्रेम करती हैं और उनसे ही विवाह करना चाहती हैं।संदेश मिलने पर श्रीकृष्ण विदर्भ पहुंच गए और शिशुपाल के विवाह के समय रुक्मिणी का हरण कर लिया। इसके बाद श्रीकृष्ण और शिशुपाल के बीच युद्ध हुआ और द्वारकाधीश कृष्ण जीते। इस अवसर पर मुख्य यजमान कलावती पाण्डेय राजेंद्र पाण्डेय सहित श्री पयोहारी आश्रम के महंत लाल बहादुर दास, धनेश वर्मा, राजधर पाण्डेय, गोविंद पाण्डेय, रविंद नाथ पाण्डेय, मुरलीधर पाण्डेय, पंकज अग्रहरि, विमल मालवीय, सतेंद्र पाण्डेय, राहुल पाण्डेय, वर्षा पाण्डेय, नरसिंह पाण्डेय आदि लोग उपस्थित रहे।




