पचपेड़वा से ज्योति कलश यात्रा का शुभारंभ

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी और अखंडदीप प्राकट्य के सौ वर्ष पूरे होने पर 2026 को शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।इसी क्रम में पूरे भारतवर्ष में रथयात्राओं की एक श्रृंखला जनजागरण हेतु गायत्री को जन जन तक पहुंचाने के लिए चलाई जा रही है।सिद्धार्थनगर जनपद से ज्योति कलश यात्रा के रथ के बलरामपुर की सीमा में प्रवेश करने पर प्रथम पूजन,अर्चन और आरती मड़नी के श्री चंद्रशेखर यादव जी सपत्नीक ने किया।जनपद बलरामपुर में यात्रा भ्रमण की शुरुआत गायत्री शक्तिपीठ पचपेड़वा से प्रातः 9 बजे निकली। सारथी के रूप में के सूर्या कुशवाहा जो मुनस्यारी साधना केंद्र उत्तराखंड के प्रभारी हैं और शांतिकुंज के वरिष्ठ आद,समर बहादुर सिंह जी यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं।यात्रा पचपेड़वा के ग्रामीण क्षेत्रों सिसहनिया बरगदही,बसन्तपुर, भैंसहवा, गणेशपुर, लौकहवा,नरायनपुर जुड़वनिया, बंसहवा , जिगना,सकल्दा और लक्ष्मीनगर होते हुए स्थानीय नगर में थाना मोड़ स्थित शिव मंदिर, अस्पताल परिसर में बना मंदिर और राम जानकी मंदिर होते हुए गायत्री शक्तिपीठ पचपेड़वा पहुंची। जहां ज्योति कलश का पूजन अर्चन और आरती महिला मंडल की बहनों और परिजनों द्वारा पुष्पवर्षा करके किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण के लिए आज प्रातः 9 बजे रथ गायत्री शक्तिपीठ पचपेड़वा से महिला मंडल की बहनों द्वारा आरती-पूजा के साथ रवाना किया गया। यात्रा में स्थानीय वरिष्ठ परिजन अंगद प्रजापति, कृष्णकुमार पांडे, जिला समन्वयक श्रद्धेय सत्य प्रकाश शुक्ला, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रभारी आद गुलाब चंद भारती जी,बालेश्वर चौरसिया, ठाकुर प्रसाद जी सहित तमाम परिजन चल रहे हैं तथा गायत्री परिवार का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।



