भगवान श्री चित्रगुप्त के मंदिर पर कलम-दवात की सामूहिक पूजा की गई

बलरामपुर। यम द्वितीया के अवसर पर नगर के पूरब टोला में स्थित भगवान श्री चित्रगुप्त के मंदिर पर कलम-दवात की सामूहिक पूजा की गई। बड़ी संख्या में जुटे कायस्थ समाज के लोगों ने कलम-दवात की पूजा कर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की। चित्रगुप्त सभा के अध्यक्ष डॉ परितोष सिन्हा के नेतृत्व में पुरोहित ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान श्री चित्रगुप्त के पूजन के बाद कलम दवात की पूजा कराई। मान्यता के मुताबिक इस बार पूजन के 48 घंटे बाद कायस्थ समाज के लोगों ने फिर से अपनी कलम से लेखनी शुरू की। सभा के मंत्री राधिका प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि परंपरा के अनुसार भगवान श्री चित्रगुप्त के मंदिर पर अखंड रामायण का पाठ किया गया। यम द्वितीया पर हवन पूजन आरती के बाद मंदिर पर उपस्थित सभी चित्रांश- चित्रांशी ने कलम दवात की पूजन की। उन्होंने बताया कि यह कायस्थ समाज का सबसे बड़ा पर्व है। उन्होंने बताया कि जब भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ उस दिन भगवान श्री चित्रगुप्त को आमंत्रण नहीं भेजा गया था जब लोग अपने घरों में दीपक जला रहे थे तब भगवान श्री चित्रगुप्त ने कलम दवात बंद कर दिया था। पाप – पुण्य का लेखा जोखा न लिखे जाने पर सारे सृष्टि में हाहाकार मच गया। जब भगवान राम को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अयोध्या में पूजा अर्चना की और यम की बहन यमुना को मनाया। तभी से कलम दवात की पूजा और भैया दूज मनाया जाने लगा। वार्षिक बैठक में आय व्यव्य का लेखा जोखा कोषाध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास्तव ने रखा। कार्यक्रम का संचालन दिलीप श्रीवास्तव ने किया। ततपश्चात सामूहिक सह भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आदित्य प्रसाद श्रीवास्तव , टीबी लाल श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, भानू प्रताप श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार माथुर, आदर्श श्रीवास्तव, प्रतीक नरेश, अलौकित श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, राजू श्रीवास्तव, बलराम कुंवर श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, राजन श्रीवास्तव, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, अभय श्रीवास्तव, मधुसूदन श्रीवास्तव, सभासद सुभाष पाठक, सहित तमाम चित्रांश चित्रांशी उपस्थित रहे।




