धान खरीद बंद होने से किसान परेशान प्रमुख सचिव को भेजा पत्र,, सोनभद्र

सोनभद्र। जनपद में सरकारी धान क्रय केंद्र समय से पहले बंद किए जाने से हजारों किसान परेशान हैं। इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव, लखनऊ को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष श्रीकांत तिवारी ने की है।
पत्र में अवगत कराया गया है कि शासन द्वारा 1 नवम्बर से 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद की व्यवस्था की गई है, लेकिन सोनभद्र की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां धान की बुआई व कटाई अन्य जिलों की अपेक्षा देर से होती है। अधिकांश किसान दिसंबर माह से अपनी उपज बेचने की प्रक्रिया शुरू करते हैं। इसके बावजूद 24 जनवरी 2026 से ही जनपद के धान क्रय केंद्र बंद कर दिए गए, जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
बताया गया है कि पूरे जनपद में लगभग 27 हजार किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था, जबकि अब तक मात्र करीब 20 हजार किसानों का ही धान खरीदा जा सका है। शेष हजारों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं और खुले बाजार में औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हो सकते हैं।
पत्र में मांग की गई है कि सोनभद्र की भौगोलिक व कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिले का धान खरीद लक्ष्य बढ़ाया जाए तथा शत-प्रतिशत पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जाए। साथ ही बंद किए गए क्रय केंद्रों की समीक्षा कर उन्हें पुनः प्रारंभ किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते शासन स्तर पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। अब सबकी निगाहें प्रमुख सचिव के निर्णय पर टिकी हैं।


