दुनिया भर में सबसे आगे अपना हिन्दुस्तान रहे

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। हर घर में खुशियों का डेरा हर चेहरे पर मुस्कान रहे, दुनिया भर में सबसे आगे अपना हिन्दुस्तान रहे। शुक्रवार की शाम सिद्धार्थनगर महोत्सव में आयोजित स्थानीय कवि सम्मेलन में नियाज़ कपिलवस्तुवी की इन पंक्तियों पर श्रोताओं ने भरपूर तालियाँ बजाकर समर्थन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गंगेश मिश्र अनुरागी की सरस्वती वंदना से हुआ। डाक्टर विनयकांत मिश्रा की पंक्तियां , चंदा पूछे चांदनी से, काहे तू शर्मावे लू, सांवर सूरत देखके काहे नयना काहे झुकावे लू, सुनकर श्रोताओं ने खूब वाहवाही की। दिलीप द्विवेदी ने अपनी रचना- कौन कहता है किसीको सताती है वर्दी, सच तो यह है अपना फ़र्ज़ निभाती है वर्दी प्रस्तुत कर पुलिस कर्मियों के संघर्ष पूर्ण जीवन का सुंदर चित्रण किया। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि डाक्टर ज्ञानेंद्र द्विवेदी दीपक ने अपनी बारी में आएगा तू परिंदे आखिर ज़मीन पर, है आसमाँ में देख लो कोई शजर नहीं पेश कर मानव जीवन के उतार चढ़ाव का सटीक चित्रण प्रस्तुत किया। कवयित्री सलोनी उपाध्याय ने भूलकर रंज वो ग़म हम इबादत करें,हम धरोहर की अपनी हिफाज़त करें जैसी पंक्तियों से राष्ट्रप्रेम का सशक्त संदेश दिया। सलमान आमिर की श्रृंगार रस से भरपूर ग़ज़ल पर जमकर तालियां बजीं। वरिष्ठ कवि ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज ने जो वक्त रहते नहीं जागे हम, फिर से भारत गुलाम होगा प्रस्तुत कर लोगों को बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया। डाक्टर गोबिंद ओझा प्रेम ने माँ को समर्पित रचना से लोगों को मातृ-पितृ के प्रति लगाव का संदेश दिया। डाक्टर सीमा मिश्रा के संचालन में संपन्न कार्यक्रम में पंकज सिद्धार्थ, अरूणेश विश्वकर्मा, डाक्टर शरदेंदु त्रिपाठी, राकेश साहनी आदि ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से श्रोताओं को विविध रसों में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल सहित पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, डाक्टर संध्या पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही।




