जब-जब धर्म की हानि होती है तो धर्म की रक्षा करने स्वयं भगवान आते है

दैनिक बुद्ध का संदेश
संतकबीर नगर। श्रीमद्भागवत कथा जो हरैया बाबू में पूर्व प्रमुख सांथा स्व. देवेन्द्र प्रताप सिंह के आवास पर आयोजित हो रहा है के कथा व्यास अवधेश शास्त्री को मुख्य यजमान नीला सिंह के प्रतिनिधि/पुत्र अखण्ड प्रताप सिंह अध्यक्ष सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन सिद्धार्थनगर ने भगवान कृष्ण के चित्र को भेंटकर सम्मानित किया इसी क्रम में पंडित अरुणेश तिवारी को अनादि प्रताप सिंह ने,पंडित बृजबिहारी पाण्डेय को रश्मि सिंह ने, पंडित राघवेंद्र द्विवेदी को अशोक प्रताप सिंह, पंडित राधेश्याम शुक्ला को अमेय प्रताप सिंह, अम्बरीष चतुर्वेदी को रिधान प्रताप सिंह ने, पंडित मुरलीधर मिश्रा को पटेश्वरी सिंह ने भगवान कृष्ण के चित्र से सम्मानित किया। कथा व्यास ने श्रीमद्भागवत कथा का भाष्य करते हुए कहा कि ष्यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारतरू। अभ्युथानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ।।जब-जब धर्म की हानि होती है तो धर्म की रक्षा करने स्वयं भगवान को आना पड़ता है और धर्म की रक्षा करना पड़ता है। आज हम उस पीढ़ी के सौभाग्यशाली हैं जो अयोध्या धाम में राममंदिर के निर्माण होते और पूजन करते देख रहे हैं इसपर हिंद समाज तथा प्रत्येक भारतीय को इस बात पर गर्व करना चाहिए। कल्पना करें कि आक्रांता आकर लूटपाट करके ही नहीं जाते थे वे भारत की संस्कृति को नष्ट करने के लिए मंदिरों, विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों को समाप्त कर देते थे अब सभी भारतवासियों को सावधान व एकजुट रहना चाहिए। कार्यक्रम में सिद्धार्थनगर से पधारे भूपेन्द्र सिंह बघेल एडवोकेट व राजेश श्रीवास्तव एडवोकेट को भगवान कृष्ण के चित्र से सम्मानित किया गया। कथा में सर्वश्री सुरेन्द्र शुक्ला,फेरी गौड़,मुनेसर, बहादुर, भूमी,शारदा, कपिल देव तिवारी, दीनानाथ तिवारी, प्रसाद हरिजन, बनवारी हरिजन, बैकुंठ तिवारी,रंजय तिवारी,सिमिरता साहनी,बुद्धू चौधरी, फौजदार, विश्वबंधु, फूलचंद,मिलन चौरसिया,मुनिराम,कासे चौधरी, अमृत यादव, चिरकुट यादव, सिद्धू, मीरा, चन्द्रावली, बासकली, रामदरश शुक्ला, राम स्वार्थ तिवारी आदि गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।




