गायन केवल कला नहीं बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है- सुरेन्द्र सिंह

बस्ती। गुरुवार को लिटिल फ्लावर्स स्कूल मधुपुरम वाल्टरगंज में गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें कक्षा 3 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के प्रबंधक सुरेन्द्र प्रताप सिंह एवं निदेशिका श्रीमती अपर्णा सिंह ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के बच्चों द्वारा गणेश वंदना प्रस्तुत किया गया। निर्णायक मंडल में हर्षिता, दिव्या, प्रत्यूष, विकास और उज़्मा शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने प्रत्येक छात्र-छात्रा के गायन कौशल का बिन्दुवार मूल्यांकन कर उचित अंक प्रदान किया एवं सर्वसम्मति से प्राप्तांकों की गणना कर विजेताओं की घोषणा की। विजेताओं में मुख्य रूप से कक्षा 3 की वैष्णवी प्रथम, नवनीत एवं सात्विक द्वितीय कक्षा 4। आशुतोष प्रथम, छवि द्वितीय,कक्षा 4 ठ यशवीर प्रथम,अलंकृता द्वितीय कक्षा 5। परी प्रथम, प्रणव द्वितीय कक्षा 5ठ अंजलि प्रथम,एंजल द्वितीय कक्षा 6। आराध्या गुप्ता प्रथम,अभिज्ञान द्वितीय कक्षा 6ठ आराध्या मिश्रा प्रथम,आशुतोष द्वितीय कक्षा 7। प्रियांशी प्रथम,राज द्वितीय कक्षा 7ठ प्रिंस चौधरी प्रथम,विख्यात द्वितीय कक्षा 8। गौहर प्रथम,जूही द्वितीय कक्षा 8ठ उत्कर्ष प्रथम जान्हवी द्वितीय कक्षा 9। शिखा चौधरी प्रथम,रुद्र द्वितीय कक्षा 9ठ फरहान प्रथम,शम्सुल शहनाज़ द्वितीय कक्षा 10। पलक प्रथम कक्षा 10ठ आयुषी प्रथम कक्षा 11 (मानविकी) शगुन कक्षा 11 (विज्ञान) दृ संयुक्त अयान एवं अनुष्का प्रथम अदीबा द्वितीय कक्षा 12 रिज़वान प्रथम,गरिमा द्वितीय रही। कार्यक्रम संचालन शगुन और आनन्द ने किया। विद्यालय के प्रबंधक सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि गायन केवल कला नहीं बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है। जब बालक स्वर साधना के माध्यम से अपने भावों को सुरों में ढालता है, तो उसमें अनुशासन, एकाग्रता और सृजनशीलता का विकास होता है। ऐसे आयोजनों से बच्चों के भीतर छिपी संवेदनाएँ जागृत होती हैं और वे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलन व सामंजस्य सीखते हैं।वही निदेशिका श्रीमती अपर्णा सिंह ने बाल-प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि संगीत वह भाषा है जो बिना शब्दों के भी दिलों को जोड़ देती है। गायन प्रतियोगिताएँ बच्चों में अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और टीम-स्पिरिट को विकसित करने का सुंदर माध्यम हैं। विद्यालय तभी समृद्ध बनता है जब उसमें स्वर, लय और रचनात्मकता की गूंज निरंतर सुनाई दे। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती वंदना सिंह ने सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन की सफलता में सभी का सहयोग सराहनीय रहा। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें प्रबंधक सुरेन्द्र प्रताप सिंह एवं निदेशिका अपर्णा सिंह का निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहता है। इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में ऋतिका, प्रवीण,तुषार,शशि,सुभाष आदि शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समन्वयकों ने अपना योगदान दिया। गायन अवसर पर धनंजय शुक्ला, के एन मिश्रा, शशिधर, विवेक सिंह, अलका, स्नेहलता, ऋचा, आदि शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ विद्यालय परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहें।




