कोर्ट के निर्णय को लेकर टीईटी में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने व संशोधन के संबंध में दिया ज्ञापन

डुमरियागंज। सर्वाेच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने तथा प्रधानमंत्री भारत सरकार को आर टी ई के धारा 23 (2) में संशोधन करने के सम्बंध में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित सोमवार को शिक्षकों द्वारा पूर्व विधायक डुमरियागंज राघवेंद्र प्रताप सिंह को दिया गया। ज्ञापन में शिक्षक राम मिलन गौतम एवं धर्मराज दूबे व अन्य शिक्षकों द्वारा अवगत कराया गया है कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय ने (सिविल अपील संख्या 1685/2025 अंजुमन इशात तालीन ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य में) पारित निर्णय में परिषदीय शिक्षकों के लिए टी.ई.टी. (शिक्षक पालता परीक्षा) को उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है। प्रदेश सरकार समय-समय पर शिक्षकों की भर्ती करती है, और समय-समय पर विज्ञापन के माध्यम से अर्हता मांगी जाती है और अर्हय शिक्षकों का चयन होता है। वर्ष 2011 के पूर्व शिक्षकों के चयन में स्नातक व बी.एड्./बी.पी.एड्. उर्दू (विशेष विषय) के माध्यम से भर्ती हुई जिसमें 06 माह का प्रशिक्षण कराया गया, एवं प्रशिक्षण के बाद अर्हय शिक्षकों की परीक्षा हुई, परीक्षा में सफल अभ्यर्थी का ही शिक्षक के पद पर नियुक्ति हुई, वर्ष 2011 के पूर्व शिक्षकों का सेवाकाल 15 से 20 वर्ष पूर्ण हो चुका है। उक्त प्रकरण का संज्ञान लेकर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त करने की मांग शिक्षकों द्वारा की गई है।




