सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में मनमानी का खेल, गुटबाजी का शिकार हो रहा विश्वविद्यालय

कपिलवस्तु/सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन को कचरा रखने का स्टोर रूम बन रखा है। दीक्षान्त समारोह स्थल के पीछे बरामदे में टूटे मेज, कुर्सी, कबाड़ फेंका हुआ है। जिसकी कोई साफ सफाई नहीं। सूत्र बताते है कि यहां मनमानी तरीके से अपने चहेतों को टेण्डर दे दिया जाता है। कुछ तो अन्दर खाने से ही निपटा दिया जाता है। साफ-सफाई की व्यवस्था का लाखों रूपये प्रतिवर्ष खर्च करने का टेण्डर होता है। लेकिन सफाई के नाम पर शून्य रहता है। सफाई व निर्देश की कमी के कारण विश्वविद्यालय परिसर के छात्रावास में रह रहे छात्रों के भोजन व्यवस्था में भी लापरवाही के कारण खाने वाले भोजन में छिपकली गिर जाती है और उस भोजन को व्यवस्थापक की लापरवाही से छात्रों को खिला भी दिया जाता है। जिससे कई छात्र – छात्राओं की सेहत बिगड़ गई। विशेष सूत्र से जानकारी मिली कि छात्रों की सेहत बिगड़ने की सूचना पर उपचार की व्यवस्था में लग गये। वही साफ-सफाई न होने के कारण परिसर में जंगली सूअरों का आतंक बना हुआ है।कुछ दिन पहले ही एक अधिकारी के कुत्ते पर सूअरों ने हमला कर दिया। सूचना है कि हमले से कुत्ते की मृत्यु हो गई। कही यह वहां रह रहे शिक्षकों के परिवार वालों को निशाना बनाये तो बड़ी घटना घट सकती है। परिसर की साफ-सफाई न हो पाना सुविधा शुल्क के कटघरे में खड़ा दिखाई देता है। यह सब किसके सह पर किया जा रहा है। सम्बन्धित विभाग ही समझें। अन्दर खाने में अव्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।




