मामी से हुआ प्यार, चुपके से कर ली कोर्ट मैरेज, फिर दोनों घर से भागे थाने पर पहुंचा मामला

भवानीगंज/सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर के थानाक्षेत्र भवानीगंज में एक ऐसी कहानी सामने प्रकाश में आई है, जो न केवल दिल को छूती है, बल्कि सामाजिक रीति-रिवाजों और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच सन्तुलन की मिसाल पेश करती है। आपको बता दें कि एक 40 वर्षीय चार बच्चों की मां और उनके 25 वर्षीय भांजे के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हुआ। आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कहानी न केवल प्रेम की ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि समाज और परिवार कैसे बदलते वक्त के साथ नये रास्ते तलाशते हैं। करीब 25 साल पहले सिद्धार्थनगर के एक गांव में एक साधारण शादी हुई थी। दूल्हा-दुल्हन ने हंसी-खुशी के साथ अपनी गृहस्थी शुरू की। तीन साल बाद गौना हुआ और दोनों का जीवन चार बच्चों दो बेटियों (20 और 18 बर्ष) और दो बेटों (17 और 10 बर्ष) के साथ और रंगीन हो गया। पति परिवार का भरण-पोषण करने के लिए अक्सर बाहर रहता था, जबकि पत्नी घर और बच्चों की जिम्मेदारी संभालती थी। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन नियति ने कुछ और ही लिखा था। लगभग तीन बर्ष पूर्व महिला का अपने दूर के रिश्ते के 25 वर्षीय भांजे से मिलना-जुलना शुरू हुआ। रिश्तेदारी के चलते घर में आना-जाना आम था, लेकिन धीरे-धीरे यह मुलाकातें प्रेम में बदल गईं। दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाईं और 2024 में चुपके से कोर्ट मैरेज कर ली। उन दोनों इस फैसले ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया। महिला ने अपने चार बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ रहना शुरू कर दिया। जब पति को इसकी भनक लगी, तो उसने थाने का रुख किया।प्रेमी जोड़ा कुछ समय के लिए बाहर चला गया, लेकिन जब वे लौटे, तो महिला अपने पति के पास वापस चली गई। प्रेमी ने थाने में गुहार लगाई, लेकिन महिला ने अपने पति के साथ रहने का फैसला किया। हालांकि, यह स्थायी नहीं रहा। तीन दिन पहले महिला फिर से अपने प्रेमी के साथ चली गई। इस बार मामला और गम्भीर हो गया। पति ने थाने में तहरीर दी, लेकिन जब महिला और प्रेमी थाने पहुंचे, तो महिला ने स्पष्ट कर दिया कि वह अपने प्रेमी के साथ ही रहेगी। रविवार को गांव में पंचायत बुलाई गई। लम्बी चर्चा के बाद पति ने अपनी पत्नी की जिद और उसकी खुशी को प्राथमिकता दी। उसने सहमति दे दी कि महिला अपने प्रेमी के साथ जा सकती है। इस समझौते ने न केवल दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई, बल्कि एक नई शुरुआत की नींव रखी। भवानीगंज थाने के थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा ने बताया कि महिला ने कोर्ट मैरेज के कागजात दिखायें और अपनी इच्छा जाहिर की, जिसके बाद मामला सुलझ गया।


