एसएसबी ने मानव तस्करी से नाबालिग लड़की को तस्करी होने से बचाई

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी में गुरुवार को मानव तस्करी का एक बड़ा प्रयास सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 50वीं वाहिनी सी समवाय और स्थानीय खुफिया जानकारी के संयुक्त प्रयासों से विफल हो गया। एक नाबालिग लड़की को नेपाल में प्रवेश करते समय पकड़ा गया, जिससे एक सम्भावित बड़ी अनहोनी टल गई। जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर बढ़नी सीमा चौकी बीटीआई चेक पोस्ट पर एसएसबी की आसूचना शाखा को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग लड़की को नेपाल ले जाया जा रहा है। तत्काल कार्रवाई करते हुए, जवानों ने बढ़नी बीटीआई चेक पोस्ट पर लगभग 3रू30 बजे एक अकेली लड़की को नेपाल की ओर बढ़ते देखा। पूछताछ में लड़की ने अपना नाम काजल कुमारी (लगभग 17 वर्ष), निवासी- छुट्टकी डिहा ढकई, बक्सर, बिहार बताया। उसने बताया कि वह मम्मी-पापा के पास जा रही थी, लेकिन किसी और के साथ। बाद में उसे अहसास हुआ कि उसे गलत जगह ले जाया जा रहा है। उसके पास से 50 नेपाली रुपये मिले, पर कोई पहचान पत्र नहीं था। गम्भीरता को देखते हुए, लड़की को कब्जे में ले लिया गया। यह निष्कर्ष निकाला गया कि यदि उसे अकेला छोड़ा जाता तो वह मानव तस्करी का शिकार हो सकती थी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, गुरुवार को ही लड़की को सशस्त्र सीमा बल की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश पुलिस की मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचयू), सिद्धार्थनगर को सौंप दिया गया। इस रेस्क्यू टीम में एसएसबी सहायक उपनिरीक्षक दीप गोगोई, पंकज केआर सिंह, सुबाश चंद, तेजवीर सिंह, विक्रम सिंह, सनोज कुमार, प्रियंका भारती, और के मुरुनाली एम शामिल रहे।




