गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
उत्तर प्रदेशसंत कबीरनगर

मूलभूत सुविधाओं से वंचित है भौरा के ग्रामीण

ब्लॉक के अधिकारी और ग्राम प्रधान द्वारा किया गया विकास का दावा हुआ फेल

संतकबीरनगर। प्राथमिक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय अभी तक अधूरा।गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार।अपने आप को बचने के लिए सचिव ने बोला झूठ।सचिव अब्दुल लतीफ का ट्रांसफर मेहदावल से सेमरियाहवा ब्लॉक हुआ था।कई महीने तक नौकरी किए थे उसके बाद साथा ब्लॉक ज्वाइन किए थे।2 महीने के बाद आकस्मिक निधन हो गया भौरा में तैनात सचिव सरमद खान ने बोला झूठ,उत्तर प्रदेश के योगी सरकार की जीरो ट्रायल नीतियां ब्लॉक के अधिकारी कर रहे हैं फेल ।आपको बताया संत कबीर नगर के मेहदावल तहसील क्षेत्र के गांव भौरा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीण योजनााएं से वंचित हैं। गांव में नालियों का निर्माण हुआ है और न ही खड़ंजा बनवाया गया। सफाईव्यवस्था बदतर है। कूड़े के ढेर लगे है। पानी निकासी नहीं होने से मुख्य सड़क पर जलभराव रहता है।ग्रामीणों ने गांव में विकास कार्य कराने की मांग की है। यह ग्राम पंचायत भौरा है। यह गांव मूलभूत सुविधाओं से अभी वंचित है। यहां अनेक समस्याएं हैं जो ग्रामीणों को परेशान कर रही हैं। यहां नाली-खडजा का निर्माण नहीं हुआ है। इससे घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर बहता है और जलभराव होता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी भी गांव कभी कभी आते हैं। गांव में कूड़े के ढेर लगे हैं।शासन द्वारा परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों की सुविधा के लिए सभी विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को भारी भरकम धनराशि उपलब्ध कराई गई लेकिन, जिम्मेदारों द्वारा ब्लॉक स्तरीय कर्मियों की मिली भगत से आधे अधूरे निर्माण कार्य किया गया है आज स्थिति यह है कि 2 वर्ष बाद भी अधिकतर दिव्यांग शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं। इसी क्रम में मेहदावल ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत भौरा गांव के स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का है। आज स्थिति यह है कि दिव्यांग शौचालय बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि शौचालय अपूर्ण है, शौचालय की दीवार व छत तक का कार्य पूर्ण है।आधा अधूरा निर्माण करा कर छोड़ दिया गया है। जिसको लेकर कई बार ग्राम प्रधान व सचिव को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके कारण विद्यालय में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।इस संबंध में जब ग्राम पंचायत अधिकारी सरमद खान से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि अभी जल्द ही इस ग्राम पंचायत में हमारी तैनाती हुई। पूर्व ने तैनात सचिव अब्दुल लतीफ की मौत हो गई है। अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। जबकि अब्दुल लतीफ मेहदावल ब्लाक से ट्रांसफर होकर सेमरियाहवा ब्लॉक में कई महीने तक नौकरी किया इसके बाद ट्रांसफर होकर साथा ब्लॉक में तैनाती हुई 2 महीने के बाद अब्दुल लतीफ जी की आकस्मिक मौत हो गई। लेकिन वर्तमान में तैनात सचिव अपने ही अधिकारी को मौत बात कर अपने आप को पलडा झा लिया आखिरकार ऐसे सचिव पर कब होगी कार्रवाई जो सरकार की योजनाओं को धरातल पर नहीं उतारने का कर रहे हैं कार्य।

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!