गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
सोनभद्र

खाद बीज की दुकानों पर छापेमारी ,1 निलंबित,1 को नोटिस 7 मनुने ग्रहित,, सोनभद्र

 

 

वर्तमान में रबी फसलो की बुआई का कार्य कृषकों द्वारा किया जा रहा है जिसमें कृषकों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं जाने के उद्देश्य से औचक छापेमारी का कार्य शासन एवं जिलाधिकारी  के आदेश के अनुपालन में शनिवार को किया गया।औचक निरीक्षणों हेतु जिलाधिकारी  द्वारा कुल तहसीलवार चार टीमों का गठन किया गया । गठित संयुक्त टीम द्वारा खाद एवं बीज विक्रय केंद्रों पर औचक छापेमारी की कार्यवाही की गई।

👉झारखंड की सीमा से लगे सीमावर्ती कस्बे विंडमगंज एवं दुद्धी में जिला कृषि अधिकारी डा0हरि कृष्ण मिश्रा एवं सहायक निदेशक मत्स्य आर0के0श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त छापेमारी की कार्यवाही लाइसेंस को निलंबित करने की कार्यवाही की गई।

👉विंडमगंज में उर्वरक विक्रेता प्रो0आनंद कुमार ,मेसर्स जे0 एच0ट्रेडर्स के उर्वरक लाइसेंस को निलंबित किया गया क्योंकि स्टॉक में अनियमितता, रेट सूची एवं स्टॉक का न प्रदर्शित किया जाना,अभिलेखों का न अद्यतन होना आदि अनियमितताओं के कारण उनके उर्वरक लाइसेंस को निलंबित करते हुए उर्वरक बिक्री को प्रतिबंधित किया गया। विंडमगंज में मे0रतनलाल इंटरप्राइजेज के प्रो0 अमित कुमार केसरी को तथा दुद्धी में मे0 अलीशा इंटरप्राइजेज प्रो0 मनीष गुप्ता को दुकान बंद करके भागने, अभिलेख न दिखाने के कारण नोटिस जारी किया गया।

👉साथ ही 07 उर्वरकों के नमूना ग्रहीत कर गुण नियंत्रण प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु प्रेषित किया गया है।

👉समस्त उर्वरक एवं बीज विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए आगाह किया गया कि कृषकों को उचित दर पर खाद एवं बीज का विक्रय करें।

👉निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर खाद का विक्रय करने व कृषकों का शोषण करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत FIR की कठोर कार्यवाही की जाएगी।जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी विक्रेता की होगी।

👉कृषकों से अपील की गई कि वे विक्रेताओं से बीज एवं खाद के बिल अवश्य प्राप्त करें। रबी की फसलों में संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें । जिला कृषि अधिकारी हरे कृष्ण मिश्र ने बताया कि

सभी कीटनाशक /कृषि रक्षा रसायन जहर है कृषक उनका प्रयोग कृषि विशेषज्ञ के सलाह एवं देखरेख में ही करें,इनका अंधाधुंध प्रयोग स्वास्थ्य के लिए घातक है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!