सिद्धार्थनगर : संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए माताएं ने रखा व्रत

दैनिक बुद्ध का सन्देश
शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ कस्बे में स्थित शिवबाबा,गडा़कुल, रेलवे स्टेशन छतहरी में महिलाओं ने पुत्र के लम्बी आयु के लिए रखा व्रत। हलषष्ठी व्रत ललही छठ या चंदन छठ भी कहा जाता है यह त्योहार सबसे ज्यादा उत्तर भारत में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह व्रत भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है और इसे विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। बलराम जी का मुख्य शस्त्र हल और मूसल है इसलिए उन्हें हलधर भी कहा जाता है और उन्हीं के नाम पर इस पावन पर्व का नाम हलषष्ठी पड़ा है।

हलषष्ठी के दिन माताओं को महुआ की दातुन और महुआ खाने का विधान है। हल षष्ठी व्रत का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे रखने से व्रती महिलाओं के संतान की सुरक्षा और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस व्रत को करने से संतान को रोग, भय और अनिष्ट से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा, यह व्रत घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।इस दौरान नपं अध्यक्ष उमा अग्रवाल,सुमन,सुशीला, नीलम वर्मा,अंशिका, उर्मिला भारती,पूजा श्रीवास्तव, अर्चना कनौजिया,सुभावती गुप्ता, सरोज कनौजिया, संगीता नैंसी,सोनी, शिवांगी, माया,नैना, लक्ष्मी आदि महिलाएं मौजूद रहीं।




