ग्रामीणों ने डॉक्टर प्रणव पांडेय पर निजी क्लिनिक पर इलाज कराने का लगाया आरोप

बलरामपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरा में तैनात डॉ. प्रणव पांडेय पर अवैध निजी क्लिनिक संचालन और सरकारी अस्पताल के मरीजों को वहाँ भेजकर आर्थिक लाभ लेने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। बुधवार को क्षेत्र के पूर्व प्रधान, समाजसेवी और कई गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में सीएचसी पहुंचे और अधीक्षक रजत शुक्ला को सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता पूर्व प्रधान जुगल किशोर, नितिन कुमार पाल, राहुल सैनी, विश्राम सोनकर, नसीम, राजेश पटवा, रामबहादुर यादव, पेशकार वर्मा, छोटका देवी धामाचौरी, मकबूल,सलीम शाह, राजू सोनी सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने आरोप लगाया किडॉ. पांडेय लंबे समय से शिवपुरा सीएचसी में तैनात हैं और इसी दौरान सरकारी अस्पताल से कुछ ही दूरी पर अवैध रूप से निजी क्लिनिक संचालित कर रहे हैं। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को जांच व इलाज के लिए निजी क्लिनिक बुलाया जाता है।मरीजों से इलाज और दवा के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है।ग्रामीणों का कहना है कि वे इस संबंध में 1076 पर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से मजबूर होकर अब उन्होंने अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है। ग्रामीणों ने बताया कि वे आने वाले दिनों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिलाधिकारी को भी ज्ञापन देकर उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि तत्कालीन डीएम पवन अग्रवाल ने पूर्व में जब शिवपुरा सीएचसी का निरीक्षण किया था, तब कुछ अनियमितताओं के चलते डॉ. पांडेय को प्रभारी पद से हटाया गया था। इसके बावजूद अब भी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।मामले जानकारी के लिए डॉ. प्रणव पांडेय से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई। प्रारंभ में उन्होंने शाम 4 बजे मिलने की बात कही, लेकिन बाद में बताया कि हम मिलने पर आपको विस्तृत रूप से अपना पक्ष बताएंगे। सीएचसी अधीक्षक रजत शुक्ला ने बताया किकल विवाद की मौखिक शिकायत मिली थी। आज लिखित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। जांच समिति गठित कर तथ्यों की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्यवाही
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। शिकायत आने पर नियमानुसार जांच समिति गठित की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।




