नेपाल में हाहाकार के बीच 3 हजार कैदी जेलों से फरार

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। पड़ोसी देश नेपाल में आन्दोलन की आग राजधानी काठमाण्डू सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्रचण्ड रुप लिए रही है। पीएम ओली के इस्तीफे के बाद भी आन्दोलन अराजक सा बना रहा। हाहाकार के बीच 3 बड़े जेलों समेत कई जेल ब्रेक हुए, जिस कारण 3 हजार से अधिक कैदी जेलों से निकल भागने में सफल रहे। आन्दोलन का पूरा पूरा लाभ नेपाल के विभिन्न जिलों में बन्द रहे कैदियों ने उठाया। कहीं आन्दोलनकारियों ने उन्हें रिहा करा दिया तो कहीं नाजुक स्थिति देख वो खुद ही जेल की चहारदीवारी तोड़कर फरार हो गये। इन कैदियों में तमाम लूट व हत्या के आरोपी, खतरनाक अपराधी, मादक पदार्थ के धन्धेबाज भी बताये जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक ललितपुर (काठमाण्डू वैली) के नक्खु जेल से प्रदर्शनकारियों ने पूर्व उप प्रधानमंत्री व गृह रवि लामिछाने को रिहा करवाया, इसके साथ ही लगभग 15 सौ कैदी भी जेल से बाहर आ गये। इसी तरह महोत्तरी जिले के जलेश्वर जेल की दीवार प्रदर्शनकारियों ने तोड़ दी, तो करीब 575 कैदी भाग गये। जिला कारागार कास्की में भी 35 महिला कैदियों समेत करीब 981 कैदी बन्द थे, जिन्हें आन्दोलनकारियों ने छुड़ा दिया। इन 3056 कैदियों के अलावा नेपाल की कैलाली जेल से भी कैदी फरार हो गये हैं, जिनका विवरण नहीं मिल सका है। जेलों में बन्द खूंखार अपराधियों के फरार होने से जहां वे नेपाली प्रशासन का सिरदर्द बन सकते हैं, वहीं सीमाई इलाकों की सम्वेदनशीलता बढ़ गई है। सीमा पर तैनात सुरक्षा एवं निगरानी निकायों को सतर्कता के साथ दृष्टि को पैनी रखनी होगी।




