गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
उत्तर प्रदेशबलरामपुर

यूरिया की किल्लत से जूझ रहे किसान, अधिकारी बने अनजान

उतरौला/बलरामपुर। क्षेत्र में यूरिया की किल्लत जारी है। किसानों को सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं मिल पा रही है। निजी दुकानदार ओवररेटिंग कर रहे हैं। धान व गन्ने की टॉप ड्रेसिंग के लिए इस समय यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। किसानों की जरूरत का फायदा निजी दुकानदार उठा रहे हैं। नगर व ग्रामीण क्षेत्र के किसी भी सरकारी गोदाम पर यूरिया न होने से फसल की जरूरत को देखते हुए किसान महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने को विवश हैं। किसान नेता खलील शाह, कामरेड धर्मराज यादव ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उनकी वह पर उर्वरक की कालाबाजारी की जा रही है किसी भी निजी दुकानदार के यहां ओवररेटिंग की जांच नहीं हो रही है।
यूरिया खाद के लिए भूखे प्यासे लाइन में खड़े किसान अधिकांश किसानों को लौटना पड़ा खाली हाथ
गैसड़ी/बलरामपुर। लगातार दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश से किसान जहां खुश नजर आ रहे हैं वहीं यूरिया खाद के लिए मायूस भी नजर आते देखे जा रहे हैं क्षेत्र में बारिश होने से गन्ने की खेती में पूर्ण रूप से नमी आ गई है तो वहीं धान के फसल भी अच्छे दिखने लगी है लेकिन किसानों को यूरिया खाद न मिलने से चिंता बढ़ गई है किसानों का कहना है कि इस समय धान के फसल में यूरिया खाद डालना महत्वपूर्ण है तो वहीं गन्ने की खेती में भी खाद डालना अति महत्वपूर्ण है लेकिन किसान यूरिया खाद के लिए रोजाना दर-दर भटक रहे हैं और प्रशासन के लोग जगह-जगह यूरिया खाद की भारी उपलब्धता होने की ताल ठोक रहे हैं लेकिन सच तो यह है कि क्षेत्र के अधिकांश प्राइवेट दुकानों पर यूरिया की कमी चल रही है तो वहीं कुछ दुकानों पर खाद पहुंचते ही सुबह सारी खादें दो घंटे में बिक जाती है। लोगों ने एक कहावत का नजीर देते हुए कहा कि जहां छोटे-छोटे दुकानों पर चार पांच सौ किसान हो वहां सौ डेढ़ सौ बोरी खाद होना क्या लाजिम है अर्थात ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है आखिर पहले जो किसान खेती कर रहे थे लगभग वही किसान आज भी खेती कर रहे हैं पिछले कई वर्षों में यूरिया खाद की कमी नहीं आई थी लेकिन इस वर्ष यूरिया खाद की कमी क्यों आ रही है तहसील तुलसीपुर के लगभग गैसड़ी पचपेड़वा ब्लॉक में यूरिया खाद की भारी किल्लत देखी जा रही है खाद कमी होने के चलते गैसड़ी पचपेड़वा क्षेत्र के सैकड़ो किसान जनपद सिद्धार्थनगर के महादेव, दोपेड़ौवा चौराहा, मन्नीजोत, सहियापुर सहित अन्य कई जगहों से महंगे दामों में खाद लाते हुए देखें गये हैं किसानों का कहना है कि बसपा कार्यकाल में खाद के बदले लाठियां बरसी थी या तो उस वक्त की घटना याद है और वर्तमान समय में यूरिया खाद की कमी के चलते पूरे दिन भूखे प्यासे रह कर खाद के लिए लंम्बी लाइन में खड़े रहना पड़ता यहां तक कि खाली हाथ भी लौटना पड़ता है। इतना ही नहीं बल्कि कुछ स्थानों पर किसानों से खतौनी व आधार की कापी मांगी जाती है जिससे किसानों पर भारी बोझ व परेशानी दोनों झेलनी पड़ती है क्षेत्र के भोजपुर चौराहे पर देर शाम तक करीब 500 किसानों की लंबी लाइन लगी हुई थी जहां केवल 100 बोरी यूरिया खाद आया था लेकिन देर शाम तक महिला व पुरुष यूरिया खाद के लिए डटे रहे वहीं करीब 400 किसानों को खाद नहीं मिल पाया और खाली हाथ वापस जाना पड़ा मौजूद किसान जगई भारती, स्वामीनाथ, अयोध्या पाल, राजकुमार, तिलकराम मौर्य, तुलसीराम, रामसमुझ, रामसुख, धनीराम यादव, रंजू देवी , सरिता, गुड़िया, सबरून निशा, सहित करीब 400 किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा और खाद के लिए दर-दर लोग भटक रहे हैं किसानों ने मांग की है कि सरकारी व प्राइवेट सभी दुकानों पर यदि खाद की उपलब्धता हो जाए तो किसानों की समस्या समाधान हो जाएगी।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!