परसोहिया तिवारी गांव में जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर बच्चे

भनवापुर/सिद्धार्थनगर। विकास खण्ड भनवापुर के परसोहिया तिवारी गांव में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की स्थिति अत्यन्त जर्जर है। विद्यालय की छत फटी हुई है। बिम टूटे हुए हैं और खिड़कियां भी टूटी हुई हैं। इस समय बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता है। दयनीय स्थिति में बच्चों को पढ़ना पड़ता है। न केवल बच्चे, बल्कि अध्यापक भी अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा दे रहे हैं। विद्यालय में बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता है। इसी स्थिति में बच्चों को पढ़ना पड़ता है। न केवल बच्चे, बल्कि अध्यापक भी अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा दे रहे हैं। विद्यालय की खराब स्थिति के कारण बच्चे हमेशा डरे और सहमे हुए दिखाई देते हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने स्वीकार किया है कि उन्हें भी डर लगता है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति से विभाग को अवगत कराया गया है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 2008 में निर्मित इस विद्यालय में वर्तमान में कुल 65 बच्चों का नामांकन है। जांच के दौरान 48 बच्चे उपस्थित पाये गये। इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारें में जानकारी नहीं है। भनवापुर खण्ड शिक्षा अधिकारी को इस बारें में जानकारी होगी, उनसे बात करेंगे। एक ओर सरकार विद्यालयों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर इस विद्यालय की स्थिति दयनीय बनी हुई है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों खतरे में हैं।




