गेंहू की फसल कटते ही सक्रिय हुए खनन-माफिया

शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। तहसील शोहरतगढ़़ के थानाक्षेत्र शोहरतगढ़़ के सन्तोरीके चकरोड, महला के खेत खलिहान एवं ढेबरूआ के बढ़नी क्षेत्र में चरगहवा नदी एवं टीसम नदी के नजदीक के दायरे में अवैध खनन माफिया खुलेआम मिट्टी खनन कर रहे है। सुबह भोर में व देर रात्रि ट्रैक्टर ट्राली एवं डम्फर की दौड़ती गाड़िया खुलेआम खनन की गवाही दे रही है। नदियों के नजदीक होता परमिशन पर जिम्मेदारों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खनन माफिया शोहरतगढ़़ व ढेबरुआ थानाक्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय है। कोई घटना या कभी अधिकारियों का दौड़ा होता है तो एक दो दिन बन्द करने के बाद खनन फिर पुराने ढर्रे पर आ जाता है। अवैध खनन को लेकर कई बार शोहरतगढ़ के विद्यायक विनय वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने अवैध खनन रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित करने के साथ मोर्चा भी खोला था, लेकिन खनन माफियाओं का रैकेट इतना मजबूत है कि उनके सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। येन केन खनन माफिया अपनी मंशा में कामयाब हो जाते है। कुछ दिन पहले अवैध खनन को रोकने पर उपजिलाधिकारी के ऊपर ट्रैक्टर ट्राली से चढ़ाने को कोशिश भी की गई थी। यहां तक कि उनके सुरक्षा में लगे होमगार्ड को चोट आई थी, जिसके बाद तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था एक ट्राली भी सीज हुई थी। उस दौरान भी राजस्व टीम की जांच में खनन का परमिशन कहीं और का था और खनन कहीं और होने की बात सामने प्रकाश में आया था। इस घटना के बाद कुछ दिन क्षेत्र में खनन बन्द हुआ लेकिन उसके बाद भी अवैध खनन करने वाले माफियाओं का रैकेट सक्रिय हो गया। अवैध खनन को लेकर वैसे तो सरकार सख्त है, लेकिन शोहरतगढ़़ व ढेबरुआ थानाक्षेत्र में लगातार अवैध खनन होना प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।




