कवि सम्मेलन में स्थानीय कवियों ने जमकर पाई वाहवाही

सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर महोत्सव 2025 के चौथे दिन देर शाम तक चले कवि सम्मेलन में स्थानीय कवियों ने जमकर काव्यात्मक छटा बिखेरी। एक से एक उम्दा रचनाओं को सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। लगभग तीन घंटे तक चले कवि सम्मेलन का सफल संचालन कवयित्री डॉ सीमा मिश्रा ने किया जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय स्तर के कवि डॉ ज्ञानेंद्र द्विवेदी दीपक ने किया। कवि सम्मेलन का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलन किया। दीप ज्योति परम ज्योति का विदुषी वत्स ने वाचन किया। सरस्वती वंदना गंगेश मिश्र ने किया। डॉ विनय कांत मिश्र द्वारा रचित कविता नेहिया लगावा पिया हिया में बसावा/ हमरा के सावन में जीनी तड़पावा बहुत सराही है। डॉ शरदेंदु त्रिपाठी का काव्यपाठ मुझको तो योगी जी की जय जय अच्छा लगता है को दर्शकों ने खूब सराह। दिलीप द्विवेदी की छल कविता ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। डॉ सीमा मिश्रा ने मत पूछो क्या छोड़ के आई कविता ने श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। नियाज़ कपिलवस्तुवी ने अच्छी रचनाएं सुनाएं। ब्रह्म देव शास्त्री पंकज राष्ट्रीय स्तर के मजे हुए कवि हैं जबकि महेश श्रीवास्तव महफिल में उनको देखकर दिल धक्क से हुआ, सुनाकर लोगों का दिल जीता। सलमान आमिर, मंजू गौतम, रामप्रकाश गौतम, अरुणेश विश्वकर्मा और पंकज सिद्धार्थ आदि ने उच्च कोटि की रचनाएं प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पी डी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी गण और श्रोता गण उपस्थित रहे। उपस्थित समस्त कवि गण को मोमेंटो और शाल ए डी एम उमा शंकर जी द्वारा प्रदान किया गया।




