बेसिक शिक्षा विभागशिक्षक रोकेंगे कुत्तों का आतंक

सिद्धार्थनगर। जिले के सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक व अन्य विद्यालय परिसर में बच्चों को कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उच्चतम न्यायालय के आदेश पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अब स्कूलों में नोडल शिक्षक कुत्तों का आतंक रोकेंगे। इसके लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ काटने की स्थिति में उसके इलाज की जिम्मेदारी भी इनकी होगी। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक स्कूल में एक नोडल शिक्षक नियुक्त करते हुए उसकी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए शैलेष कुमार के निर्देश पर क्रम में खेसरहा के बीईओ नीरज कुमार सिंह ने ब्लॉक क्षेत्र के 178 स्कूलों में एक-एक शिक्षक को नोडल नियुक्त करते हुए यह दायित्व सौंपा है। बीएसए ने कहा कि इसी तरह अन्य ब्लॉकों में भी स्कूलों में नोडल शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।जिले के प्रत्येक स्कूलों में बनाए जाने वाले नोडल शिक्षकों का दायित्व निर्धारित किया गया है। इसके तहत उन्हें विद्यालय परिसर की स्वच्छता, समुचित रख-रखाव एवं सफाई के पूर्ण जिम्मेदार होंगे। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित विद्यालय परिसर के अंदर निराश्रित कुत्ते प्रवेश कदापि नहा नहीं हो। इसके लिए बाउंड्रीवॉल का गेट पूर्णतया बंद रखेंगे। यदि बाउंड्रीवॉल नहीं है तो भी निराश्रित कुत्तों के विद्यालय परिसर में प्रवेश निषिद्ध करने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। विद्यालय परिसर में किसी को कुत्ता काटने पर नोडल शिक्षक द्वारा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से समन्वय स्थापित कर एंटी रैबीज दवाओं की उपलब्धता और पीड़ित के समुचित उपचार की शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए पर्याप्त बाड़, चहारदीवारी व गेट को सुरक्षित करने, स्वच्छता बनाए रखने को कहा है। इसी के तहत इसके लिए एक नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है। नोडल अधिकारी का नाम व संपर्क नंबर परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित रहेगा है।




